बीजेपी ने रविवार को तेलंगाना विधायक टी राजा सिंह का सस्पेंशन रद्द कर दिया. पिछले साल अगस्त में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में पैगंबर के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था. टी राजा की तेलंगाना की राजनीति में ऐसे समय पर वापसी हो रही है, जब राज्य में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बार बीजेपी का मुकाबला बीआरएस और कांग्रेस दोनों से है.
बीजेपी की तरफ से रविवार (22 अक्टूबर) को जारी किए गए प्रेस रिलीज में कहा गया, ‘बीजेपी की केंद्रीय अनुशासन समिति ने पार्टी के जरिए दिए गए कारण बताओ नोटिस पर टी राजा सिंह का जवाब देखा है. उनके स्पष्टीकरण पर विचार करने के बाद पार्टी ने गोशामहल के विधायक का सस्पेंशन रद्द कर दिया है.’ दरअसल, बीजेपी ने पिछले साल टी राजा सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. उन्हें 2 सितंबर, 2022 तक लिखित जवाब देने को कहा गया था.
तेलंगाना के फायर ब्रांड नेता हैं टी राजा
पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने टी राजा को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें कहा गया था कि टी राजा सिंह ने कई सारे मुद्दों पर पार्टी के स्टैंड के उलट अपने विचार व्यक्त किए हैं. ये पार्टी के संविधान के नियम XXV 10 (ए) का स्पष्ट उल्लंघन है. इस चिट्ठी के साथ टी राजा सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया. तेलंगाना में टी राजा को एक फायर ब्रांड नेता के तौर पर जाना जाता है, जो अपने बयानों को लेकर हमेशा विवादों में रहते हैं.
विवादित टिप्पणी के लिए जेल गए थे टी राजा
गोशामहल से विधायक टी राजा को पुलिस ने पिछले साल 25 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था. टी राजा ने हैदराबाद में स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी के शो के जवाब एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में टी राजा ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसे संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने निवारक हिरासत अधिनियम के तहत बीजेपी विधायक को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, उन्हें गिरफ्तारी के तुरंत बाद बेल मिल गई.
लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ कानूनी धाराएं लगाईं और उन्हें चेरलापल्ली केंद्रीय कारगार में भेज दिया. नवंबर में तेलंगाना हाईकोर्ट ने टी राजा को रिहा करने का आदेश दिया. इसके बाद से ही टी राजा जेल से बाहर हैं. तेलंगाना में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. लोग 30 नवंबर को वोट डालेंगे, जबकि नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे.







