प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार में जातीय जनगणना जारी होने के बाद कांग्रेस के ‘जिसकी जितनी आबादी‚ उसकी उतनी भागीदारी’ के बयान पर कहा है कि कांग्रेस देश के हिन्दुओं और गरीबों को बांटने का कुचक्र रच रही है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में भाजपा की परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे बड़़ी जाति गरीब की है‚ और अगर उसका भला हो गया तो देश का भला हो जाएगा। भारत के संसाधनों पर पहला हक करीब का है‚ चाहे वह दलित‚ पिछड़़ा या फिर सामान्य वर्ग से ही क्यों न हो। गरीब के जीवन में बदलाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस यह नईमांग करके देश के लोगों के बीच खाई को बढ़ाने और उनके बीच बैर बढ़ाने की कोशिश कर रही है। दरअसल‚ पिछले दिनों बिहार सरकार ने जातीय जनगणना के जो आंकड़े़ जारी किए हैं‚ उन्हें विपक्षी गठबंधन ‘इंडि़या’ मास्टरस्ट्रोक मान रहा है। उसे लगता है कि इससे पिछड़े़ वर्गों को लामबंद करके सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन को कड़़ी चुनौती पेश की जा सकती है। आने वाले दिनों में पांच राज्यों में असेंबली चुनाव और उसके बाद अगले साल लोक सभा के चुनाव होने हैं‚ और विपक्ष एकजुट होकर केंद्र में सत्तारूढ़ मजबूत भाजपा को कड़़ी चुनौती देना चाहता है। भाजपा–नीत गठबंधन को लगता था कि विपक्षी दल अपना नेता चुनने में ही इतने उलझ जाएंगे कि उनका एका नतीजाकुन नहीं होगा। लेकिन सीटों के बंटवारे और नेता के चुनाव को लेकर हठधर्मिता न दिखाने का जो रुख विपक्षी गठबंधन में दिखा है‚ उससे भाजपा में चिंता है और अब जिस तरह जातीय जनगणना के आंकड़े़ बिहार सरकार ने जारी किए हैं‚ और उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बड़े़ राज्य से भी जातीय जनगणना कराए जाने की मांग उठी है‚ उससे भाजपा–नीत गठबंधन बेशक‚ असहज हुआ है। अब जिस तरह से विपक्ष की पार्टियां समूचे देश में जातिवार जनगणना की मांग करने लगीं हैं‚ उससे लगने लगा है कि सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच मुकाबला तीखा रहने वाला है। विपक्ष की अनेक पार्टियां कह रही हैं कि जातिवार जनगणना से ही दलित और पिछड़़ों को संविधानगत अधिकार मिलने सुनिश्चित हो सकेंगे। बेशक‚ जातीय जनगणना के मुद्दे के चलते देश की राजनीति नई करवट लेती दिखलाईपड़़ रही है। लेकिन इससे भाजपा को नुकसान की सोचना बेमानी है क्योंकि मंड़ल आयोग की सिफारिशें आने के बाद से ही भाजपा का खासा विस्तार हुआ है।
छात्रों और शिक्षा को दलीय राजनीति का औजार बनाना कितना सही है !
दिल्ली में जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट समेत केंद्रीय परीक्षाओं में गड़बड़ी ठीक करने की मांग करते...







