दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को वेबसाइट न्यूजक्लिक पर रेड की है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पुलिस ने कथित तौर पर वेबसाइट से जुड़ी 30 से ज्यादा लोकेशन्स पर छापा मारा है। पुलिस ने कहा- न्यूजक्लिक से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर रेड की जा रही हैं। पुलिस कुछ पत्रकारों को अपने साथ ले गई है।
दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई UAPA के तहत की है। दो महीने पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया था कि न्यूजक्लिक को एक अमेरिकी वामपंथी अरबपति नोवेल रॉय सिंघम ने फाइनेंस किया था। वे चीनी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत दुनियाभर में संस्थाओं को फंडिंग देते हैं।
The Press Club of India is deeply concerned about the multiple raids conducted on the houses of journalists and writers associated with #Newsclick.
We are monitoring the developments and will be releasing a detailed statement.
— Press Club of India (@PCITweets) October 3, 2023
इस रिपोर्ट के आधार पर 17 अगस्त को न्यूजक्लिक के खिलाफ UAPA के सेक्शन 153(a) (धर्म, जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 120(b) (आपराधिक षड्यंत्र में भागीदारी) समेत कई अन्य सेक्शन के तहत एक FIR दर्ज कराई गई थी। FIR का नंबर 224/2023 है।
रेड पड़ने वाले पत्रकारों में अभिसार शर्मा, अर्मिलेश शामिल
जिन पत्रकारों के यहां रेड चल रही है, उनमें प्रमुख रूप से प्रबीर पुरकायस्थ, संजय राजौरा, उर्मिलेश, भाषा सिंह, औनिंद्यो चक्रवर्ती, अभिसार शर्मा और सोहेल हाशमी हैं। कहा जा रहा है कि ये सभी न्यूज वेबसाइट न्यूजक्लिक से जुड़े हुए हैं। अभिसार शर्मा नोएडा और उर्मिलेश गाजियाबाद में रहते हैं।
इनमें से कई पत्रकारों ने ट्वीट कर बताया है कि पुलिस ने उनके घरों में रेड डाली है और उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं।
Delhi police landed at my home. Taking away my laptop and Phone…
— Abhisar Sharma (@abhisar_sharma) October 3, 2023
https://twitter.com/AbhinandanSekhr?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1709027204774969423%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=about%3Asrcdoc
Finally last tweet from this phone. Delhi police seizure my phone.
— bhasha singh (@Bhashak) October 3, 2023
हाईकोर्ट ने पुरकायस्थ की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी
इससे पहले, 22 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजक्लिक के एडिटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ को नोटिस दिया था। यह नोटिस दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) की याचिका पर दिया गया था। पुलिस ने याचिका में कोर्ट के अंतरिम आदेश को वापस लेने की अपील की थी, जिसमें न्यूज साइट के खिलाफ सख्त एक्शन लेने पर रोक लगाई गई थी।
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने 7 जुलाई 2021 को प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार न करने का आदेश दिया था। हालांकि कोर्ट ने कहा था कि पुरकायस्थ को अधिकारियों के निर्देशों के मुताबिक जांच में सहयोग करना होगा। दिल्ली पुलिस की याचिका के बाद कोर्ट ने पुरकायस्थ से इस मामले में जवाब तलब किया था।
संसद में उठा था न्यूजक्लिक का मुद्दा
संसद के मानसून सत्र के दौरान 7 अगस्त को लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने न्यूजक्लिक को मिलने वाली चीनी फंडिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि न्यूजक्लिक को एक अमेरिकी वामपंथी अरबपति नोवेल रॉय सिंघम ने फाइनेंस किया था। वे चीनी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत दुनियाभर में संस्थाओं को फंडिंग देते हैं।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि, ‘कांग्रेस, चीन और विवादित न्यूज वेबसाइट न्यूजक्लिक एक ही गर्भनाल से जुड़े हैं। राहुल गांधी की ‘नकली मोहब्बत की दुकान’ में पड़ोसी सामान साफ देखा जा सकता है। चीन के प्रति उनका प्रेम नजर आ रहा है। वे भारत विरोधी अभियान चला रहे हैं।’

अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब मैं न्यूज क्लिक की बात करता हूं, इसकी फंडिंग की, तब भारत में इसके खिलाफ छापे पड़े। उसमें कहां-कहां से पैसा लिया, कहां से पैसे आए, इन सबकी जानकारी है। अगर आप इनकी फंडिंग का जाल देखेंगे तो नेवलराय सिंघम ने इसकी फंडिंग की। फंडिंग उसे चीन की ओर से आई।
दो साल पहले इनकम टैक्स ने डाली थी न्यूजक्लिक के ऑफिस में रेड

सितंबर 2021 में इनकम टैक्स विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल न्यूज लॉन्ड्री और न्यूज क्लिक के ऑफिस में रेड डाली भी। टैक्स चोरी की जांच के लिए यह कार्रवाई की गई थी। इनकम टैक्स विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि उसकी टीमों ने साउथ दिल्ली में इन दोनों वेबसाइट के ऑफिस पहुंची थीं। हालांकि, आयकर विभाग की तरफ से इस कार्रवाई को रेड की जगह सर्वे कहा गया।
IT अफसरों ने बताया कि विभाग की टीमें न्यूज लॉन्ड्री और न्यूज क्लिक के परिसरों की जांच कर रही हैं। दोनों पोर्टल से जुड़े बहीखातों की भी जांच की जा रही है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई दोनों संस्थानों के टैक्स पेमेंट और दूसरे भुगतान की जांच के लिए की गई थी। वहीं IT सूत्रों ने कहा, ‘यह ऑपरेशन टैक्स पेमेंट से जुड़ी कुछ जानकारियों को वैरीफाई करने के लिए किया जा रहा है।’







