जी20 शिखर वार्ता के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली पूरी तरह तैयार है। दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन का आज से आगाज हो गया है. जी20 समिट के उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने सबसे पहले मोरक्को में आए भूकंप पर दुख जताया है. उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा, ढाई हजार साल पहले भारत की भूमि ने पूरे विश्व को ये संदेश दिया था कि मानवता का कल्याण और सुख सदैव सुनिश्चित किया जाए. इस संदेश को याद कर जी20 की शुरुआत करें. ये वो समय है जब सालों पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान मांग रही हैं.
दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, कोविड-19 के बाद विश्व में बहुत बड़ा संकट विश्वास के अभाव का आया है. युद्ध ने ट्रस्ट डेफिसिट को और गहरा किया है. जब हम कोविड को हरा सकते हैं तो आपसी अविश्वास के तौर पर आए संकट को भी हरा सकते हैं. हम सब मिलकर ग्लोबल ट्रस्ट डेफिसिट को एक विश्वस और एक भरोसे में बदलें. ये सबको साथ मिलकर चलने का समय है.सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास का मंत्र हम सब के लिए पथ प्रदर्शक बन सकता है. भारत की जी20 प्रेसिडेंसी देश के भीतर और देश के बाहर INCLUSION का सबका साथ का प्रतीक बन गई है.
अब से G20 को G21 कहा जाएगा
अब से G20 को G21 कहा जाएगा. अफ्रीकन यूनियन को स्थाई सदस्यता मिल गई है. भारत में खुद को ग्लोबल साउथ के लीडर के तौर पर स्थापित किया. पीएम मोदी ने कहा, अफ्रीकन यूनियन को G20 को स्थाई सदस्य्ता दी जाए. आप सबकी सहमति से आगे की कार्रवाई शुरू करने से पहले अफ्रीकन यूनियन को सदस्य के रूप में आमंत्रित करता हूं.
इस कठिन समय में पूरा विश्व मोरक्को के साथ’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘कुछ देर पहले मोरक्को में आए भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति में अपनी संवेदना प्रकट करना चाहता हूं। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी घायल लोग शीघ्र स्वस्थ हों। इस कठिन समय में पूरा विश्व समुदाय मोरक्को के साथ है। हम उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए तैयार हैं।’







