2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी विरोधी मोर्चे के गठन की रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रमुख विपक्षी दलों के नेता आज पटना में बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में विपक्षी दलों की इस बैठक में कांग्रेस, आरजेडी, जेडीयू, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), डीएमके, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले), शिव सेना (उद्धव-बाला साहब ठाकरे), पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, आप, आरएलडी, और आल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता भाग ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा और एनडीए के खिलाफ विपक्षी नेता एक परिवार की तरह एकजुट होकर लड़ेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तमाम विपक्षी दलों के नेताओं को पटना की इस बैठक में आने का न्योता दिया था, जिसके बाद आज यह बैठक हो रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित देश के तमाम विपक्षी दल के नेता इस बैठक में मौजूद रहेंगे। बता दें कि यह पहला मौका होगा जब लोकसभा चुनाव के लिए तमाम विपक्षी दलों के नेता एक साथ जुटेंगे।
बैठक में 6 राज्यों के मुख्यमंत्री रहेंगे मौजूद
पटना में होने वाली यह बैठक आगामी आम चुनाव के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक के बाद विपक्ष के गठबंधन के प्रस्तावित गठबंधन का प्रारुफ़ सामने आएगा। इस बैठक में कई प्रमुख नेताओं समेत 6 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, जिनमें इस कवायद को शुरू करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन इस बैठक में शामिल होंगे।
ये दल हो रहे शामिल
विपक्षी दलों की इस बैठक में कांग्रेस, राजद, जदयू, सपा, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, डीएमके, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले), शिव सेना (उद्धव-बाला साहब ठाकरे), पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, आप, आरएलडी, और आल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटित फ्रंट के नेता भाग लेंगे। हालांकि इस बैठक का कई विपक्षी दलों ने विरोश भी किया है, जिसमें बहुजन समाज पार्टी प्रमुख है। कल गुरुवार को बसपा प्रमुख मम्यवतिउ ने ट्वीट करते हुए कहा था कि पटना में हो रही इस बैठक ने दिल मिले न मिले हांथ मिलाते रहिए’ की कहावत को ज्यादा चरितार्थ कर रही है।
महागठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में शामिल सभी दलों के नेताओं को बोलने का वक्त मिले, इसका खास ख्याल रखा गया है। बैठक का मुख्य उद्देश्य बीजेपी को केंद्र की सत्ता से बेदखल करना है। इसके लिए नए सिरे से विपक्षी दलों को एकजुट किया जा रहा है। बैठक में कई अहम निर्णय लिए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से विपक्षी एकजुटता का नाम क्या हो? इसकी अगुआई कौन करेंगे। इस पर फैसला हो सकता है। साथ ही चुनाव में टिकट के फॉर्मूले और कॉमन मिनिमन प्रोग्राम पर भी चर्चा हो सकती है।
बैठक में इन 15 पार्टियों के ये नेता होंगे शामिल
विपक्षी दलों की इस बैठक में JDU से नीतीश कुमार, ललन सिंह जबकि RJD से तेजस्वी यादव और लालू यादव के रहने की संभावना है। इनके अलावा कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल होंगे। NCP से शरद पवार, शिवसेना से उद्धव ठाकरे, सपा से अखिलेश यादव, DMK से एमके स्टालिन, JMM से हेमंत सोरेन, CPM से सीताराम येचुरी, CPI से डी राजा, CPI-ML से दीपांकर भट्टाचार्य, PDP से महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस से उमर अब्दुल्ला के अलावा AAP से अरविंद केजरीवाल के साथ भगवंत मान भी शामिल होंगे। TMC से ममता बनर्जी शामिल होंगी।
पटना पहुंचने के बाद सबसे पहले ममता बनर्जी राबड़ी आवास पहुंची। यहां उन्होंने लालू यादव से पैर छूकर आशीर्वाद लिया। हालांकि, उन्होंने बैठक में एजेंडा के सवाल पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि हम लोग इकट्ठा होकर चुनाव लड़ेंगे। एक के खिलाफ एक लड़ेंगे।
बैठक से पहले ही बिहार में पोस्टर वॉर शुरू हो गए हैं। महागठबंधन की तरफ से जहां विपक्षी दलों के स्वागत के पोस्टर लगाए गए हैं तो वहीं बीजेपी की तरफ से पोस्टर लगाकर तंज कसते हुए विपक्षी नेताओं को ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान कहा है। ये पोस्टर इनकम टैक्स गोलंबर और बीजेपी कार्यालय के बाहर लगाए गए हैं।
पोस्टर में कई तरह के तंज भी कसे गए हैं। जैसे- एक पोस्टर में लिखा गया- हल्ला है हर ओर, बिहार में मिलेंगे सारे चोर’ वहीं दूसरे पोस्टर में लिखा गया है ‘लोकतंत्र के हत्यारे, आज किस मुंह से जेपी की धरती पर आ रहे हैं? क्या देश में फिर से इमरजेंसी लगाना चाहते हैं?
आप ने पोस्टर लगा केजरीवाल को नीतीश से सतर्क रहने की सलाह दी
वहीं पटना में एक और पोस्टर की चर्चा है। इसे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से लगाया गया है। इसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को सीएम नीतीश कुमार से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही अरविंद केजरीवाल को पीएम कैंडिडेट बताया गया है।






