अब तक कांग्रेस गारंटीज दे रही थी, चुनाव जीतने के बाद उन्हें पूरा करने का वादा कर रही थी, लेकिन राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने चुनाव से पहले गारंटी पूरी कर दी. 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने का ऐलान कर दिया, 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर कोई फिक्स चार्ज और सरचार्ज नहीं लिया जाएगा, सिर्फ 100 यूनिट का पैसा लोगों को देना होगा. ये फैसला 1 मई से लागू होगा. इस फैसले का ऐलान करने के लिए अशोक गहलोत ने सुबह होने का इंतजार नहीं किया. रात दस बजे ट्वीट किया कि पौने ग्यारह बजे बड़ा ऐलान करेंगे, और रात ठीक पौने ग्यारह बजे गहलोत का वीडियो मैसेज आ गया कि अब राजस्थान के लोगों पर बिजली का बिल बोझ हल्का होगा. असल में बुधवार को अजमेर की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस के पास गारंटी का नया चुनावी फॉर्मूला है, लेकिन कांग्रेस की गारंटीज झूठी होती है. जैसे ही मोदी की पब्लिक मीटिंग खत्म हुई, उसके तुरंत बाद अशोक गहलोत ने वित्त सचिव समेत कई बड़े अफसरों को बुलाया, एक घंटे की मीटिंग के बाद तुरंत ही बिजली के बिल में छूट के ऐलान का फैसला हो गया. गहलोत ने रात में ही ऐलान कर दिया. इसके बाद गहलोत ने प्रधानमंत्री पर हमला किया, कहा कि कांग्रेस की गारंटी पर सवाल उठाने वालों को ये जवाब है.
गहलोत ने कहा कि कुछ लोग इसे चुनावी रेवड़ी कह रहे हैं, लेकिन सरकार का फैसला चुनाव के बाद भी लागू रहेगा. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गहलोत को लोगों का ख्याल चुनाव से सिर्फ चार महीने पहले क्यों आया. बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इसे चुनाव स्टंट बताया. राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मायावती की बीजेपी से मिलीभगत है, मायावती बीजेपी का टूल हैं. अभी तो गहलोत ने 100 यूनिट बिजली मुफ्त में देने का फैसला किया है. मेरी जानकारी ये है कि अगले कुछ दिनों में गहलोत वैट कम करके पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी का एलान भी कर सकते हैं. गहलोत को लग रहा है कि इस वक्त मंहगाई बड़ा मुद्दा है, इसलिए उन्होंने राजस्थान में मंहगाई राहत कैंप शुरू किए हैं, 10 लाख तक मुफ्त इलाज की योजना शुरू की है.







