राजधानी दिल्ली में होने वाले निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप)‚ भाजपा और कांग्रेस के बीच भले तीखी लड़़ाई जारी हो‚ मगर आप और भाजपा के बीच तल्खी कुछ ज्यादा ही देखी जा रही है। एक तरफ जहां भाजपा ने आप पर पैसे लेकर टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया तो वहीं आप का आरोप है कि भाजपा के पास कहने को कुछ भी नहीं है और वह आप की लोकप्रियता से घबरा कर ऐसे आरोप चस्पा कर रही है। वहीं परिवारवाद पर हमेशा आक्रामक रहने वाली भाजपा खुद निगम चुनाव में इस ‘बीमारी’ से अछूती नहीं है। हालांकि ऐसा ही हाल आप और कांग्रेस का भी है।
तीनों प्रमुख दलों ने ऐसे लोगों को चुनाव मैदान में उतारा है‚ जिनके परिवार से कोई–न–कोई व्यक्ति पार्टी में बड़़े पद पर है। बहरहाल‚ चुनाव तो आते–जाते रहेंगे मगर जिस तरह की सियासत दोनों पार्टियों के बीच जारी है‚ उससे इतना तो प्रतीत होता है कि सत्ता पाने के लिए कोई किसी भी हद तक गुजर सकता है। हाल के वर्षों में राजनीति में अवमूल्यन आया है। बेदाग होकर राजनीति करना बीते वक्त की बात हो चुकी है। मुद्दों पर बात नहीं की जाती है। बे सिर–पैर की बातों पर ज्यादा फोकस किया जाता है और सतही आरोपों के सहारे सत्ता की मलाई का स्वाद हर राजनीतिक दल चखना चाहता है। नतीजतन‚ सबसे ज्यादा नुकसान जनता को उठाना पड़़ता है। मुद् दों से भटकाव की सबसे बड़़ी कीमत आम जन कोे चुकानी पड़़ती है। निगम चुनाव में भले कूड़़ा‚ सफाई‚ पार्षदों के वेतन आदि मामले सुर्खियों में हैं‚ किंतु संजीदगी से कोई भी दल यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कूड़े़ के ऊँचे होते पहाड़़ों को खत्म करने या उससे जनहित का काम करने का दृष्टिकोण या विजन क्या हैॽ कौन सी राजनीतिक पार्टी सबसे कम समय में दिल्ली की गंदगी‚ परिवहन व्यवस्था‚ चिकित्सा सुविधा आदि को दुरुस्त करेगीॽ साफ है कि चुनाव अब जनता की आंखों में धूल झोंकने का नाम भर रह गया है। नैतिकता‚ मर्यादा‚ ईमानदारी और निष्पक्षता की बातें बेईमानी सी लगती है। कुल मिलाकर निगम चुनाव कहने भर को है। सारे दांव–पेच राष्ट्रीय स्तर की राजनीति के हिसाब से चलाए जा रहे हैं। क्या राज्य को बेहतरी की ओर ले जाने का दंभ भरने वाली सभी राजनीतिक पार्टियां सादगी और साफगोई से चुनाव नहीं लड़़ सकती थीॽ इसके लिए भी वही तिकड़़म और तिलस्म रचना कहीं से भी स्वस्थ राजनीति का हिस्सा नहीं है।
क्या राजनीतिक दलों के इशारे पर जंतर-मंतर पर हुई हिंसा !
जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. पुलिस...







