राजस्थान के जोधपुर में आज अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी को पहले भारत का इतिहास पढ़ना चाहिए। इतना ही नहीं शाह ने राजस्थान की गहलोत सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने अशोक गहलोत पर वोट बैंक और तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाया। बता दें कि अमित शाह जोधपुर में रावण चबूतरा मैदान में भारतीय जनता पार्टी के बूथ कार्यकर्ता संकल्प महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
कांग्रेस को याद दिलाया संसद का भाषण
राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा, ‘‘अभी-अभी राहुल बाबा, भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। विदेशी टी-शर्ट पहनकर वह भारत जोड़ने निकले हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं राहुल बाबा और कांग्रेसियों को संसद में दिया गया उनका एक भाषण याद दिलाता हूं। राहुल गांधी ने कहा था कि भारत राष्ट्र है ही नहीं। राहुल बाबा, किस किताब में आपने यह पढ़ा है? यह तो वह राष्ट्र है जिसके लिए लाखों, लाख लोगों ने प्राणों की आहुति दे दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी भारत जोड़ने निकले हैं, मुझे लगता है कि उन्हें भारत के इतिहास को पढ़ने की जरूरत है।’’
अशोक गहलोत सरकार पर साधा निशाना
शाह ने कानून व्यवस्था को लेकर शनिवार को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे भाई कन्हैयालाल की निर्ममता से हत्या हुई, ये आप सहन कर लेंगे क्या? करौली की हिंसा को सहन करेंगे क्या? हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध लगाना सहन करेंगे क्या? अलवर में 300 साल पुराने मंदिर को तोड़ना सहन करेंगे क्या? उन्होंने कहा कि 10 दिन के अंदर किसानों का ऋण माफ करने का क्या हुआ? युवाओं को 3,500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का क्या हुआ? 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का क्या हुआ? कांग्रेस सिर्फ खोखले वादे कर सकती है, वादों को पूरा नहीं कर सकती है।
“देश में कांग्रेस की केवल दो सरकारें”
अमित शाह ने आगे कहा कि अभी देश में कांग्रेस की दो सरकारें है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों का चुनाव 2023 में है। इन दोनों राज्यों में अगर भाजपा सरकार बनती है तो कांग्रेस के पास कुछ नहीं बचेगा। आज जिस प्रकार की राजस्थान में सरकार चल रही है, उससे हम सभी दुखी हैं। राजस्थान में चल रही सरकार ने प्रदेश को विकास में सबसे पीछे ले जाने का कार्य किया है। उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में तनोट मां के तीर्थ स्थान को नरेंद्र मोदी ने 19 करोड़ रुपये खर्च करके एक बड़ा यात्रा धाम बनाने का निर्णय किया है। तनोट मां ने 1965-71 के युद्ध में हमारी पश्चिमी सीमाओं को सुरक्षित किया था।
गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान के दौरे पर हैं। आज यानी शनिवार को जोधपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। वह जोधपुर में भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं की बैठक को भी संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री शाह शुक्रवार शाम राजस्थान के दो दिवसीय दौरे पर जैसलमेर के वायु सेना अड्डे पर पहुंचे थे। उन्होंने डाबला (जैसलमेर) में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण सेक्टर मुख्यालय में अधिकारियों के साथ संवाद किया और वहीं रात्रि विश्राम किया।
सीमा पर्यटन विकास कार्य का करेंगे शिलान्यास
शाह आज डाबला में ही तनोट मंदिर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे तनोट परिसर में सीमा पर्यटन विकास कार्य का शिलान्यास भी करेंगे। बाद में वह जोधपुर जाएंगे। जोधपुर में पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि शाह का वहां पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा और मोटरसाइकिल पर सवार भगवा पगड़ी पहने 1500 से अधिक पार्टी कार्यकर्ता उन्हें रैली के रूप में एयरपोर्ट से सभा स्थल तक ले जाएंगे।
बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित
भाजपा के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.लक्ष्मण, केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा की राजस्थान इकाई के प्रमुख सतीश पूनिया ने शुक्रवार सुबह दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन किया। ओबीसी मोर्चा की बैठक के तुरंत बाद शाह जोधपुर के दशहरा मैदान में भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। पार्टी बैठक के लिए पूरे संभाग से अपने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जुटा रही है।
पार्टी के ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करना है
भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘‘पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक ऐतिहासिक रहेगी।’’ जोधपुर में भाजपा के ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक का उद्देश्य 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी के ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करना है। जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृहनगर है जो ओबीसी श्रेणी से भी आते हैं।
राजस्थान में अगले साल के अंत में होने हैं विधानसभा चुनाव
मारवाड़ के नाम से विख्यात जोधपुर इलाका, राजस्थान का सबसे बड़ा संभाग है जिसमें छह जिले जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, सिरोही, पाली शामिल हैं। कुल 200 विधानसभा क्षेत्रों में से 33 विधानसभा क्षेत्र जोधपुर संभाग में हैं, जिनमें से 10 अकेले जोधपुर जिले में हैं, और उनमें से 14 वर्तमान में भाजपा के पास, 17 कांग्रेस के पास, एक निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पास है। राजस्थान में विधानसभा चुनाव अगले साल के अंत में होने हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनियां ने कहा, ‘‘ओबीसी विशाल समुदाय है। यह भाजपा की विचारधारा के साथ है। यह पहली बार है कि भाजपा शासन में हमारे पास इस समुदाय के 27 (केंद्रीय) मंत्री हैं। साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ओबीसी आयोग को संवैधानिक मान्यता दी गई है।’’







