बेहतर जिंदगी के लिए पढाई के साथ–साथ खेलकूद भी बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य अच्छा रहता है‚ बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है।’ ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमारने बृहस्पतिवार को पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित ४८वीं राष्ट्रीय जूनियर बालिका कबड्ड़ी चैम्पियनशिप के उद्घाटन अवसर पर कहीं। इस मौके पर उन्होंने केंद्र की एनड़ीए सरकार पर फिर निशाना साधा और कहा कि केंद्र से प्रदेश को जितनी मदद मिलनी चाहिए‚ वह नहीं मिल रही है। फिर भी हमलोग सभी काम अच्छे ढंग से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए कई काम किये जा रहे हैं। हमलोगों ने बिहार में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना कराने का निर्णय लिया है। राजगीर में स्पोर्ट्स एकेड़मी की स्थापना की गयी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडि़यम भी बनाया गया है। अब खेल विश्वविद्यालय भी वहीं रहेगा‚ जहां खेल के साथ–साथ खिलाडि़यों के लिए प्रशिक्षण की भी व्यवस्था रहेगी। इस देश में खेलकूद के लिए राजगीर एक खास स्थल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए प्रखंड़ स्तर पर स्टेडि़यम का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक १६५ प्रखंड़ों में स्टेडि़यम का निर्माण कराया जा चुका है। हम चाहते हैं कि यह काम जल्द से जल्द पूरा हो।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाडियों को हर वर्ष खेल दिवस पर सम्मानित किया जाता है। करोडों रुपए बतौर इनाम भी दिये जाते हैं। सरकार ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों को सरकारी नौकरी देनी भी शुरू कर दी है। राज्य में अब तक विभिन्न खेलों के २३५ खिलाडि़यों को सरकारी नौकरी दी गई है। सीएम ने कहा कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव का खेल से बचपन से संबंध रहा है‚ इसलिए मैं चाहता हूं कि वे खिलाडि़यों पर विशेष ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कबड्ड़ी को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है‚ यह काफी खुशी की बात है। बिहार में यह बहुत लोकप्रिय हो रहा है। बिहार से बहुत लोग बाहर खेलने जा रहे हैं और सबको पुरस्कार भी मिल रहा है‚ यह खुशी की बात है। आज हमलोगों ने जूनियर राष्ट्रीय कबड्ड़ी बालिका प्रतियोगिता–२०२२ की शुरुआत कर दी है। इसमें कई राज्यों से बच्चियां आई हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूं कि आप सभी खूब अच्छा खेलिये और आगे बढ़िये। बिहार में कितना बढ़िया काम हो रहा है‚ आप सभी अपने–अपने राज्यों में जाकर बताइयेगा। अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से जो प्रतिभागी खिलाड़ी यहां आई हैं‚ उनका विशेष रूप से ख्याल रखें‚ ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जिलाधिकारी एक–एक चीज पर गौर करें कि खिलाडि़Ãयों को किसी तरह की असुविधा न हो।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अपने खेलप्रेम को जाहिर किया। उन्होंने कहा कि मैं खुद खिलाडी रह चुका हूं‚ इसीलिए खिलाडियों की परेशानियों व दर्द को महसूस कर सकता हूं। अंतरराष्ट्रीय फलक पर जब खिलाडी देश और राज्य का नाम रौशन करते हैं‚ तो उन पर होने वाला खर्च ऐसे में कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि खेल के आयोजन में जब भी मुझे आमंत्रण मिलता है हम उसे गंवाते नहीं हैं। मैंने अधिकारियों को राज्य के खिलाडियों के लिए बेहतर साधन–संसाधन और उपकरण के साथ–साथ बेहतर प्रशिक्षण की भी व्यवस्था करने का निदæश दिया है।







