अमेरिका के यूजीन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में 88.13 मीटर भाला फेंक कर सिल्वर मेडल जीत लिया है। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भारत ने 19 साल बाद सिल्वर मेडल जीता है।
टोक्यो 2020 ओलंपिक भालाफेंक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने शनिवार को यहां विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में रजत पदक जीतकर भारत के 19 साल के लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया। यह विश्व चैंपियनशिप में भारत का दूसरा पदक था और 2003 में लंबी जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज द्वारा पेरिस में कांस्य पदक जीतने के बाद पहला पोडियम फिनिश था।
हेवर्ड फील्ड में फाइनल में नीरज चोपड़ा का 88.13 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास एंडरसन पीटर्स के 90.54 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता अंक से कम था, जबकि टोक्यो 2020 के रजत पदक विजेता जैकब वडलेज ने 88.09 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
24 वर्षीय चोपड़ा ने पहले क्वालीफिकेशन में 88.39 मीटर तक भाला फेंका था।
ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने अपना पहला ही थ्रो 90.21 मीटर का फेंक दिया, जिससे नीरज पर और ज्यादा दबाव आ गया। वो दूसरे थ्रोअर से पिछड़ने लगे, लेकिन वो कहते हैं ना जो गिरते हैं वही संभलते हैं। और ये चीज नीरज चोपड़ा के आगे आने वाले थ्रो में दिखी।
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के मेंस जैवलिन इवेंट में नीरज चोपड़ा ही नहीं, भारत के लोग नीरज से मेडल के इंतजार में थे।
आखिरकार नीरज यानी कमल फिर खिला है। पानीपत का ‘चोपड़ा’ हिंदुस्तान के लिए फिर से लड़ा और सिल्वर मेडल जीता है।
पूरी दुनिया ने देखा उसे अपने भाले से अमेरिकी जमीन को नापते हुए। लड़खड़ाकर संभलते हुए, भारत की रविवार की सुबह को खुशियों से भरी सुबह में बदलते हुए।
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के मेंस जैवलिन इवेंट में नीरज ही नहीं। अपनी बुलंद जीत से ओलिंपिक चैंपियन ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के सीने पर भी तिरंगा गाड़कर हिंदुस्तान की छाती एक बार फिर से चौड़ी की है।
इससे पहले नीरज चोपड़ा राउंड 1 में 88.39 मीटर दूर भाला फेंककर और ग्रुप ए के क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप पर रहने के बाद फाइनल में पहुंचे थे। ओरेगन 2022 मेन्स जेवलिन थ्रो कॉम्पिटिशन में खिलाड़ियों को क्वालीफाइंग कट 83.50 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन नीरज ने इससे कई ज्यादा दूर भाला फेंककर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
नीरज चोपड़ा ने इसी साल के शुरुआत में स्टॉकहोम में डायमंड लीग में रजत पदक के लिए 89.94 मीटर दूरी तक भाला फेंककर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने अपने फर्स्ट अटेम्प में 88.39 मीटर थ्रो के साथ ग्रुप ए में टोन सेट किया था। नीरज चोपड़ा ने अपने करियर में यह तीसरा सबसे शानदार थ्रो रिकॉर्ड बनाया है।
नीरज साल 2017 के टोक्यो ओलंपिक चैंपियन अपनी पहली विश्व चैंपियनशिप में क्वालीफाइंग दौर से आगे निकलने में नाकाम रहे थे। इसके बाद वह चोट के कारण दोहा में 2019 विश्व चैंपियनशिप से चूक गए थे।
टोक्यो के रजत पदक विजेता जैकब वडलेज ग्रुप ए में एकमात्र भाला फेंकने वाले ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने पहली बार में ही 85.23 मीटर दूर भाला फेंककर क्वालीफाइंग मार्क को पार किया था।
बाद के दिनों में, नीरज के सहयोगी रोहित यादव भी ग्रुप बी से फाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन में शामिल हो गए। 80.42 मीटर के शानदार थ्रो के साथ रोहित ने अपने ग्रुप में छठा और कुल मिलाकर 11वां स्थान हासिल किया और 12 मेन्स फाइनल फील्ड में जगह बनाई।
नीरज और रोहित से पहले, दविंदर सिंह कांग विश्व चैंपियनशिप में क्वालीफाई करने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष खिलाड़ी थे। साल 2017 में लंदन में हुए कांग विश्व चैंपियनशिप में वह 12वें स्थान पर रहे।
इस बीच, ग्रेनाडा के मौजूदा विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स ग्रुप बी में टॉप पर हैं और क्वालीफायर की अंतिम सूची में 89.91 मीटर थ्रो के साथ शीर्ष पर थे। लेकिन 24 वर्षीय नीरज चोपड़ा ने अपने शानदार प्रदर्शन से उन्हें दूसरे स्थान पर धकेल दिया।







