चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव ( Presidential elections 2022 ) की तारीख का ऐलान कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ( Chief Election Commissioner Rajiv Kumar ) ने आज यानी गुरुवार को प्रेस कॉंन्फ्रेंस कर तारीख की घोषणा की. चुनाव आयुक्त ने कहा कि 18 जुलाई को देश को नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोट डाले जांएगे. जिसके बाद 21 जुलाई को देश को नए राष्ट्रपति मिल जाएंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए 29 जून नामांकन की अंतिम तारीख होगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव 2022 में कुल 4,809 मतदाता मतदान करेंगे। कोई भी राजनीतिक दल अपने सदस्यों को व्हिप जारी नहीं कर सकता. राष्ट्रपति चुनाव में एक सांसद के वोट का मूल्य 700 होगा। निवारक निरोध में रहने वाले मतदान कर सकते हैं और जेल में बंद लोगों को पैरोल के लिए आवेदन करना होगा और अगर उन्हें पैरोल मिलती है, तो वे मतदान कर सकते हैं.
चुनाव आयोग की कलम से ही होगी मतदान
चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने के लिए आयोग अपनी ओर से कलम देगा। यदि कोई सदस्य चुनाव आयोग द्वारा दी गई कलम के अलावा किसी और कलम का इस्तेमाल करता है तो उसका वोट अमान्य घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में 776 सांसद और 4033 विधायक, यानी कि कुल 4809 मतदाता वोट देंगे और ये मतदान पूरी तरह गुप्त होगा।
सदस्य के एक वोट की कितनी वैल्यू?
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि एक सांसद के वोट की वैल्यू 700 के बराबर है। उन्होंने बताया कि हिरासत में रहने वाले सदस्य मतदान कर सकते हैं और जो जेल में बंद हैं उन्हें पैरोल के लिए आवेदन करना होगा और अगर उन्हें पैरोल मिल जाती है, तो वे भी वोटिंग कर सकते हैं।
जानें, राष्ट्रपति को मिलती है कितनी सैलरी, रिटायरमेंट के बाद क्या सुविधाएं मिलती हैं?
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी। इस चुनाव में सांसदों और विधायकों वाले निर्वाचक मंडल के 4,809 सदस्य मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उत्तराधिकारी का चुनाव करेंगे। राष्ट्रपति कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और उनके उत्तराधिकारी को इससे पहले नियुक्त किया जाएगा। चुनाव के लिए अधिसूचना 15 जून को जारी की जाएगी और 29 जून नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख होगी। अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने शीर्ष संवैधानिक पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है।
थलसेना, वायुसेना और नौसेना के सर्वोच्च सेनापति होते हैं राष्ट्रपति
वहीं, आपको बता दें कि राष्ट्रपति को देश का प्रथम नागरिक कहा जाता है। वह देश के तीनों सशस्त्र बलों यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना के सर्वोच्च सेनापति होते हैं। वित्त अधिनियम 2018 की धारा 137 के तहत किए गए संशोधन के बाद भारत के राष्ट्रपति का मासिक वेतन पांच लाख रुपये तय किया गया है। 2017 तक राष्ट्रपति को सिर्फ 1.50 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता था जो वरिष्ठ नौकरशाह के वेतन से भी काफी कम था। 2017 में इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति महीने किया गया। वेतन के अलावा राष्ट्रपति को अन्य भत्ते भी मिलते हैं जिनमें मुफ्त चिकित्सा, आवास और उपचार सुविधा (जीवन भर) शामिल हैं। इसके अलावा भारत सरकार हर साल उनके अन्य खर्चों जैसे आवास, स्टाफ, खाने-पीने और अतिथियों की मेजबानी पर करीब 2.25 करोड़ रुपये खर्च करती है।
राष्ट्रपति के मौजूदा वेतन और भत्तों की लिस्ट
– उनको हर महीने 5 लाख रुपये सैलरी मिलती है। इस पर टैक्स नहीं लगता है।
– उनको मुफ्त चिकित्सा सुविधा और आवास मिलते हैं।
– राष्ट्रपति के जीवनसाथी को भी हर महीने 30,000 रुपये सेक्रटेरियल असिस्टेंस के तौर पर मिलता है।
रिटायरमेंट के बाद की सुविधाएं
– रिटायरमेंट के बाद उनको हर महीने 1.5 लाख रुपये पेंशन मिलती है।
– एक फर्निश्ड रेंट फ्री बंगला मिलता है।
– दो फ्री लैंडलाइन और एक मोबाइल फोन मिलता है।
– स्टाफ खर्च के लिए हर साल 60,000 रुपये मिलते है।
– रेल या विमान से यात्रा फ्री। एक आदमी को साथ भी ले जा सकते हैं।







