मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए उनकी सरकार निरंतर काम कर रही है। नीतीश ने यहां एक‚ अणे मार्ग स्थित संकल्प में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि वर्ष २००६–०७ से गन्ना किसानों के लिए कई कदम उठाये गये हैं। पूर्व के कई वर्षों में गन्ना के मूल्य में वृद्धि की गई। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से ईख मूल्य अनुदान भी दिये गये। गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये गन्ना उद्योग को प्रोत्साहित किया गया। क्षेत्रीय विकास परिषद (जेडीसी) कमीशन में छूट एवं ईख क्रय कर में छूट की सुविधा दी गई। गन्ने की अधिक उत्पादकता के लिए अच्छे किस्म के गन्ने की प्रजाति को बढ़ावा दिया गया। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी जिले के गन्ना किसानों को रीगा के अलावा अन्य चीनी मिलों तक गन्ना पहुंचाने के लिए आवागमन सब्सिडी पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी जारी रखने का निर्देश दिया और कहा कि इससे गन्ना किसानों को चीनी मिलों तक गन्ना पहुंचाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हमलोग गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। नीतीश को गन्ना उद्योग विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग में किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पेराई सत्र २०२१–२२ के लिए ईख मूल्य की दर का निर्धारण‚ वर्ष २०१० से २०२१ तक गन्ना मूल्य की दर‚ परिचालित चीनी मिलों की संख्या‚ चीनी मिलों की पेराई क्षमता‚ डिस्टीलरी की क्षमता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री प्रमोद कुमार‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण‚ विकास आयुक्त आमिर सुबहानी‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार‚ गन्ना उद्योग सह कृषि विभाग के सचिव एन सरवन कुमार‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ ईख आयुक्त गिरिवर दयाल एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
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