ADVERTISEMENT
Friday, July 17, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

किसान आंदोलन की जीत है या मोदी सरकार की हार पर किसानों को बधाई…………….

UB India News by UB India News
November 19, 2021
in Lokshbha2024, कृषि, खास खबर, संपादकीय
0
किसान आंदोलन की जीत है या मोदी सरकार की हार पर किसानों को बधाई…………….
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

अगर यूपी चुनाव में सामने दिख रही हार के कारण कृषि कानूनों को वापस लिया गया है तो इसमें स्वागत करने जैसी कोई बात नहीं है. इस नतीजे पर पहुंचने से पहले इस एक साल के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने 700 से अधिक किसानों को मरते देखा और एक शब्द तक नहीं कहा. इस नतीजे पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को अपने मंत्रिमंडल में बनाए रखा और बर्ख़ास्त करने की किसानों की मांग को अनदेखा किया. इस नतीजे पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने उस वीडियो को भी अनदेखा कर दिया जिसमें आप बार-बार देख सकते हैं कि जीप पर सवार बीजेपी के समर्थक शांति से चले जा रहे किसानों को कुचल रहे हैं. इस नतीजे पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री ने इस बात की परवार नही कि हरियाणा सरकार उस अफसर के साथ खड़ी रही जिसका वीडियो यह कहते हुए वायरल हुआ था कि किसानों का सर फोड़ देना है.

यह एक साल किसान आंदोलन की जीत का साल रहा है तो यही एक साल सरकार के द्वारा किसानों को अपमानित किए जाने का साल रहा. क्या प्रधानमंत्री तब इस देश के किसान को नहीं जानते थे जब संसद में उनके आंदोलन का मज़ाक उड़ा रहे थे. आंदोलनजीवी कह रहे थे. प्रधानमंत्री ने इस सवाल का जवाब आज तक नहीं दिया कि किससे बात कर यह कानून लाया गया. किसान नुकसान समझाते रहे और सरकार फायदा समझाती रही. किसान कहते रहे कि वे हर दिन ग़रीब हो रहे हैं, इस कानून से और ग़रीब हो जाएंगे. सरकार समझाती रही कि ये वो किसान हैं जो अमीर हैं. इन्हें छोड़े किसानों से लेना देना नहीं हैं. किसानों के आंदोलन के जवाब में सरकार ने किसान सम्मेलन शुरू कर दिया.

RELATED POSTS

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ब्रसेल्स यात्रा के क्या है मायने …………….

रथ यात्रा से PDA को साधेंगे अखिलेश यादव…………..

सरकार किसानों को बड़े और छोटे किसानों में बांट कर आंदोलन ख़त्म करने का रास्ता खोज रही थी तो सरकार का काम करने वाला गोदी मीडिया किसानों को आतंकवादी कहने में लगा था. भाजपा इस एक साल में अपने नेताओं के बयान उठा कर देख ले. किसान आंदोलन के बारे में क्या क्या कहा गया. भाजपा और सरकार के इशारे पर काम करने वाला गोदी मीडिया किसानों के आंदोलन को पहले दिन से आतंकवादी कहने लगा था. न्यूज़ चैनलों के ज़रिए किसानों पर हमला कराया गया. पुलिस के ज़रिए हमला कराया गया. किसानों के रास्ते में मोटी मोटी नुकीली कीलें गाड़ दी गईं. कंटीली तारें लगा दी गईं. सरकार एक साल तक किसानों को अपना ताकत दिखाती रही कि वह झुकने वाली नहीं है. किसान एक साल तक आंदोलन करते रहे. वे हटने वाले नहीं हैं.

किसानों ने यह सब सहते हुए सर्दी, गर्मी और बरसात में अपने आंदोलन को जारी रखा. रास्तों को जाम कर उस मिडिल क्लास को किसानों के खिलाफ भड़काया गया जो दफ्तर लेट से पहुंच रहा था. इस एक साल में किसानों को घेर कर एक ऐसे मैदान में पहुंचा दिया गया जहां से निकलने का रास्ता और साहस सिर्फ किसानों के पास ही था. किसानों ने हर अपमान को अमृत की तरह पिया. विज्ञान भवन में होने वाली बातचीत के दौरान वे ज़मीन पर बैठकर अपनी रोटी खाते रहे. उन्हें दिल्ली नहीं आने दिया गया. उनके मार्च में हिंसा की स्थिति पैदा की गई ताकि किसान आंदोलन को बदनाम किया जाए.

किसानों के इस आंदोलन की जीत हर तरह के विभाजन के खिलाफ़ जीत है. हिन्दू मुस्लिम राजनीति के दम पर उनके आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की, किसानों ने जय श्री राम और अल्लाहू अकबर और वाहे गुरु का नारा लगाकर इस विभाजन को पंचर कर दिया. किसानों के किसी सवाल का सरकार ने जवाब नहीं दिया. जनवरी महीने से बात करना बंद कर दिया था.सरकार ने अपना किसान संगठन बनाया. हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान याद कीजिए, जिसके लिए वे माफी मांग चुके हैं. किसान संगठन बनाने और किसानों पर लठ बरसाने की सीख दे रहे थे.

यह सब याद करेंगे तो आज कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान की मजबूरी को समझ पाएंगे. किसान आंदोलन ने सिर्फ कृषि कानूनों के खिलाफ जीत हासिल नहीं की है, उन्हें हर उस विभाजनकारी, दमनकारी ताकत और रणनीति के ख़िलाफ़ जीत हासिल की है, जिसके आगे नागरिकता कानून के विरोध में निकले लोग टूट गए. उनके बच्चों को आतंक के आरोपों में जेल में बंद कर दिया गया.आप याद कीजिए, नागरिकता आंदोलन में शामिल लोग मुसलमान थे इसलिए उन्हें किस तरह कुचला गया. उन्हें कपड़ों से पहचानने की बात प्रधानमंत्री ने की. ईवीएम मशीन का बटन दबाकर करंट लगाने की बात गृह मंत्री अमित शाह ने की. कई मंत्रियों और बीजेपी के नेताओं ने उन्हें गोली मारने के नारे लगाए. प्रधानमंत्री ने सब होने दिया और सबमें शामिल रहे.उनकी और गोदी मीडिया की ताकत के सामने न जाने कितने आंदोलन दम तोड़ गए. भारत के किसानों ने उन तमाम सिसकती हारों के बदले जीत हासिल की है. किसानों को बधाई.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

विदेश मंत्री एस. जयशंकर  की ब्रसेल्स यात्रा के क्या है मायने …………….

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ब्रसेल्स यात्रा के क्या है मायने …………….

by UB India News
July 16, 2026
0

भारत और यूरोपीय संघ (European Union-EU) के बीच रिश्ते लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में विदेश...

‘संयम की पाठशाला’ में बिजी हैं अखिलेश यादव…………..

रथ यात्रा से PDA को साधेंगे अखिलेश यादव…………..

by UB India News
July 16, 2026
0

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सितंबर 2026 से उत्तर प्रदेश में ‘समाजवादी PDA रथ यात्रा’ शुरू करने की तैयारी में...

संविधान संशोधन, परिसीमन बिल का विरोध करेगी कांग्रेस…………..

संविधान संशोधन, परिसीमन बिल का विरोध करेगी कांग्रेस…………..

by UB India News
July 16, 2026
0

संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की...

डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने फैसलों के यूरोप ने बड़ा कदम उठाया………………..

डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने फैसलों के यूरोप ने बड़ा कदम उठाया………………..

by UB India News
July 16, 2026
0

दुनिया की दो महाशक्तियों अमेरिका और रूस ने बीते कई दशकों से अलग-अलग देशों के सुरक्षा मानक तय करने में...

फीफा विश्वकप में 24 साल बाद इंग्लैंड-अर्जेंटीना आमने-सामने…..

फीफा विश्वकप में 24 साल बाद इंग्लैंड-अर्जेंटीना आमने-सामने…..

by UB India News
July 16, 2026
0

फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में फुटबॉल जगत की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक फिर देखने को...

Next Post
पीएम ने कानून को सोच-समझकर किया रद्द :नीतीश कुमार

पीएम ने कानून को सोच-समझकर किया रद्द :नीतीश कुमार

कृषि कानूनों को वापस लिए जाने पर बिहार में गरमाई सियासत

कृषि कानूनों को वापस लिए जाने पर बिहार में गरमाई सियासत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend