बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके वायु प्रदूषण के मसले पर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि दिल्ली सरकार पूर्ण लॉकडाउन के लिए तैयार है. हालांकि दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब दिल्ली से सटे एनसीआर के दूसरे शहरों में लॉकडाउन भी लगे. दिल्ली सरकार ने कहा है कि हम इस कदम पर विचार करने के लिए तैयार हैं. अगर भारत सरकार या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा पूरे एनसीआर के लिए यह अनिवार्य किया जाता है. गौरतलब है कि प्रदूषण के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है.
केजरीवाल सरकार ने अपने हलफनामे में कहा, ‘दिल्ली सरकार स्थानीय उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए पूर्ण लॉकडाउन जैसे कदम उठाने के लिए तैयार है. हालांकि ऐसा कदम तभी सार्थक होगा जब इसे पड़ोसी राज्यों के एनसीआर क्षेत्रों में लागू किया जाता है. दिल्ली के वृहद आकार को देखते हुए लॉकडाउन का वायु गुणवत्ता पर सीमित प्रभाव होगा. दिल्ली सरकार ने कहा, ‘हम इस कदम पर विचार करने के लिए तैयार हैं. अगर भारत सरकार या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा पूरे एनसीआर के लिए यह अनिवार्य किया जाता है.’
रविवार को सुधरी दिल्ली की एयर क्वालिटी
दिल्ली की एयर क्वालिटी में रविवार को कुछ सुधार आया। शनिवार को AQI 437 था, जबकि रविवार का 24 घंटे का औसत AQI 330 रहा। एयर क्वालिटी ट्रैक करने वाली वेबसाइट सफर का दावा है कि हवा की गुणवत्ता में यह सुधार हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की गतिविधियों में गिरावट आने के बाद हुआ है। शुक्रवार को AQI 471 था, जो इस मौसम में अब तक का सबसे खराब था। सफर ने यह भी बताया कि 16 नवंबर की रात से प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि वे आज सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण को और कम करने के लिए लॉकडाउन का प्रपोजल पेश करने वाले हैं। नई दिल्ली के पास के शहर गजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स 331, गुरुग्राम में 287, नोएडा में 321, फरीदाबाद में 298 और ग्रेटर नोएडा में 310 है।
रविवार को कम जलाई गई पराली
सफर ने दावा किया कि रविवार को दिल्ली में पीएम 2.5 पॉल्यूशन में पराली जलाए जाने की हिस्सेदारी 12 फीसदी थी, शनिवार को इसकी हिस्सेदारी 31 फीसदी रही। 4 नवंबर से 13 नवंबर के बीच दिल्ली के एयर पॉल्यूशन में पराली जलने से होने वाला प्रदूषण की हिस्सेदारी 25 से 28 फीसदी थी।
16-17 नवंबर से बिगड़ सकती है हवा की गुणवत्ता
अगले दो दिनों में अगर पराली जलाने की गतिविधियों में इजाफा नहीं हाेता है तो दिल्ली की एयर क्वालिटी और बेहतर हो पाएगी। 16 नवंबर की रात से एयर क्वालिटी खराब होने की आशंका है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हवा का बहाव रुक सकता है। 17 नवंबर को हवा गुणवत्ता के बहुत खराब कैटेगरी में होने की आशंका है।

हरियाणा सरकार ने चार जिलों में स्कूल बंद किए
दिल्ली-NCR में बिगड़ रहे प्रदूषण के हालात के कारण हरियाणा सरकार ने प्रदेश के चार जिलों गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद और झज्जर में स्कूल बंद कर दिए हैं। ये चारों जिले NCR में आते हैं। साथ ही सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को भी कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराने के लिए कहा गया है।
हरियाणा सरकार ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण यह फैसला लिया है। दिल्ली सरकार पहले ही इस बारे में निर्णय ले चुकी है। हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से नए निर्देश लागू कर दिए हैं। यह निर्देश 17 नवंबर तक लागू रहेंगे। जिला प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में मुनादी करके इनका व्यापक प्रचार सुनिश्चित करेगा।
पहाड़ों की सैर पर जा रहे लोग

देश के कई हिस्सों में खराब हवा के चलते बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों की तरफ जा रहे हैं। शिमला के होटल चालक ने बताया कि फिलहाल यहां हर रोज 70-80% तक होटल फुल हैं। दिवाली के बाद से ही बुकिंग में इजाफा हुआ है। हिमाचल का AQI पड़ोसी राज्यों से कहीं बेहतर है। ऐसे में अच्छी हवा के लिए पर्यटक यहां आ रहे हैं।
दिल्ली में सभी कंस्ट्रक्शन वर्क पर रोक लगी है
अरविंद केजरीवाल सरकार ने शनिवार को एक सप्ताह के लिए सभी स्कूल बंद कर दिए थे, जबकि सभी सरकारी कर्मचारियों को भी वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा गया था। नेशनल कैपिटल में आंशिक लॉकडाउन जैसे यह फैसले पॉल्यूशन के मसले पर की गई इमरजेंसी मीटिंग में किए गए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन फैसलों की घोषणा की और चेतावनी दी कि हम संपूर्ण लॉकडाउन के तौर तरीकों पर भी विचार कर रहे हैं। प्राइवेट गाड़ियों को बंद करने का भी सोच रहे हैं। सभी कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी रोक दी गई हैं।
ऐसे होती है एयर क्वालिटी की पहचान
- 0 से 50 के बीच का AQI अच्छा माना जाता है
- 51 से 100 के बीच का AQI संतोषजनक माना जाता है
- 101 से 200 के बीच का AQI सामान्य माना जाता है
- 201 से 300 के बीच का AQI खराब माना जाता है
- 301 से 400 के बीच का AQI बहुत खराब माना जाता है
- 401 से 500 के बीच का AQI गंभीर माना जाता है






