मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि अपने स्कूली बच्चों को मौलाना अबुल कलाम आजाद के किये गये काम और उनकीजीवनी के बारे में बताया जाएगा। यह सब शुरू भी करा दिया गया है। इसके लिए मैं शिक्षा विभाग को धन्यवाद देता हूं। मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन एवं उनके कार्यों को हमलोगों को याद रखना है और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्मदिन पर आयोजित शिक्षा दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।अधिवेशन भवन में आयोजित शिक्षा दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री को पुस्तकों का सेट भेंटकर उनका स्वागत किया। शिक्षा दिवस समारोह में राज्यगीत भी बजाया गया। आज आयोजित शिक्षा दिवस समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ड़ॉ. शंकर नाथ झा को मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार–२०२१ से भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कार स्वरूप अंगवस्त्र‚ प्रशस्ति पत्र एवं ढाई लाख रुपये का चेक प्रदान किया। शिक्षा दिवस समारोह में अपर मुख्य सचिव शिक्षा संजय कुमार ने स्वागत संबोधन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी‚ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय‚ भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण‚ विकास आयुक्त आमिर सुबहानी‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह सहित शिक्षा विभाग व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
शिक्षा दिवस समारोह के बाद् पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों को बिहार की जनता ने जब काम करने का मौका दिया तो मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्मदिन पर बिहार में शिक्षा दिवस का आयोजन करने का निर्णय लिया। यहां वर्ष २००७ में पहली बार शिक्षा दिवस का आयोजन किया गया। बिहार में शिक्षा दिवस का आयोजन शुरू करने के बाद हमने राष्ट्रीय स्तर पर भी शिक्षा दिवस का आयोजन करने के लिए केंद्र सरकर को पत्र लिखा। केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया और ११ नवंबर २००८ से राष्ट्रीय स्तर पर भी शिक्षा दिवस का आयोजन प्रारंभ हो गया। बिहारमें शिक्षा दिवस के अवसर पर बहुत बडा कार्यक्रम का आयोजन करते रहे हैं। इन दिनों कोरोना का दौर चल रहा है। इस बीच में कोई कार्यक्रम करना उचित नहीं है इसलिए संक्षिप्त रूप में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड़ा.शंकर नाथ झा के कामों को देखते हुए आज उन्हें मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार–२०२१ से सम्मानित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की लडाई में मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उस समय वे कांग्रेस पार्टी के रा–ुनवजयट्रीय अध्यक्ष भी थे। आजादी के बाद जब देश दो हिस्सों में बंट गया तो काफी बुरा हाल था।स्थिति को सामान्य करने के लिए बापू सहित अन्य सभी लोग जगह–जगह घूम रहे थे। उस समय अल्पसंख्यक समुदाय के लोग यहां से जा रहे थे तो मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब ने ही कहा था कि यह देश आपका है‚ यहां से क्यों जा रहे हैं। उसके बाद लोग रुक गये और स्थिति सामान्य हुई। उनका योगदान बहुत बडा है। भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में भी उन्होंने इस देश में काफी काम किया।
भावी पीढ़ी भी उनके विषय में भलीभांति अवगत हो सके और यह जान सके कि कितनी संघर्र्ष के बाद भारत को आजादी मिली। आज के दिन हमलोग उनके प्रति सम्मान और आदर प्रकट करनेके लिए आये हैं। अभी बडे कार्यक्रमों पर रुकावट है इसलिए आजऔपचारिक रूप से शिक्षा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना घट रहा है। जांच और टीकाकरण का काम तेजी से हो रहा है। हमलोगों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही कोरोना से मुक्ति मिलेगी। जब कोरोना से मुक्ति मिल जायेगी तो फिर सामान्य तरीके से सब कुछ किया जाएगा। इस बार छठ पर्व में भी बहुत लोग ठीक ढंग से शामिल हुए। कहीं भी किसी प्रकार की अशांति देखने को नहीं मिली। सब ठीक ढंग से हुआ। हम सभी लोगों का अभिनंदन करते हैं और सबको बधाई देते हैं।







