राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि देश जोखिम उठाने और कड़ा प्रहार करने की क्षमता रखता है, भले ही उसके परिणाम कुछ भी हों।
‘भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें‘
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ है भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है, भारत कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों।
डॉक्यूमेंट्री में क्या खास देखने को मिलेगा?
डिस्कवरी ने एक बयान में कहा कि दो हिस्सों वाली यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाक्रम को सामने लाने के लिए भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व को एक साथ लेकर आती है। इसमें उन लोगों के प्रत्यक्ष अनुभव भी शामिल हैं, जिन्होंने भारत की जवाबी कार्रवाई की निगरानी की थी। डिस्कवरी के मुताबिक, शो में अजीत डोभाल सैन्य जवाबी कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और उसे अंजाम देने के संकल्प के बारे में विस्तार से बताएंगे।
“डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर” कब प्रसारित होगी?
“डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर” का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और स्ट्रीमिंग सर्विस डिस्कवरी+ पर होगा।
ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू हुआ था?
ऑपरेशन सिंदूर पिछले साल 7 मई की सुबह शुरू किया गया था। इसका मकसद 22 अप्रैल को हुए घातक पहलगाम आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करना था। इसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव कैसे थमा?
बाद में पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले किए। भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई भी ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रही। परमाणु हथियार रखने वाले इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य टकराव चला। 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद यह सैन्य कार्रवाई रुक गई।