बिहार के लोगों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है. तपती गर्मी और चिलचिलाती उमस के बीच राज्य में मॉनसून ने धमाकेदार एंट्री मार दी है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मॉनसून की उत्तरी सीमा बिहार के कई जिलों को कवर कर चुकी है, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. शुरुआती चरण में मॉनसून ने किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और मधुबनी के रास्ते प्रदेश में दस्तक दी है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून की रफ्तार और तेज होगी तथा यह पूरे सूबे को अपने आगोश में ले लेगा.
आज पूरे बिहार में अलर्ट, कहीं ऑरेंज तो कहीं येलो
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के सभी 38 जिलों के लिए आंधी, तेज बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का अलर्ट जारी किया है. सुरक्षा के लिहाज से जिलों को दो कटेगरी में बांटकर चेतावनी दी गई है:
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के सभी 38 जिलों के लिए आंधी, तेज बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का अलर्ट जारी किया है. सुरक्षा के लिहाज से जिलों को दो कटेगरी में बांटकर चेतावनी दी गई है:
- 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश और तेज आंधी की आशंका): राजधानी पटना और गया सहित मध्य और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसमें मुख्य रूप से पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण शामिल हैं. इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है.
- 19 जिलों में येलो अलर्ट (गर्जना और मध्यम बारिश का अनुमान): उत्तर और पूर्वी बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इनमें सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार शामिल हैं. यहां मेघगर्जन के साथ रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं।
तापमान में भारी गिरावट दर्ज
- मॉनसून के आगमन और पिछले 24 घंटों में हुई प्री-मॉनसून व मॉनसून की बारिश के कारण बिहार के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. राजधानी पटना समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है .इससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, इस उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार को कैमूर जिला 36 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया.
समय से पहले मॉनसून पहुंचने के कारण?
इस बार बिहार में मॉनसून ने अपनी तय तारीख से पहले दस्तक देकर सबको चौंकाया है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे दो मुख्य भौगोलिक कारण हैं:
- मजबूत सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है.
- अनुकूल हवाएं: पूर्वी भारत के वायुमंडल में बने चक्रवातीय सिस्टम के कारण खाड़ी से आने वाली नम और मानसूनी हवाएं तेजी से उत्तर व उत्तर-पूर्व बिहार की ओर बढ़ रही हैं. इसी अनुकूल परिस्थिति ने मॉनसून को समय से पहले बिहार पहुंचाने में मदद की है.
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
- मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 5 दिनों तक पूरे बिहार में मॉनसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी. इस दौरान अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय से पहले हुई यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. खरीफ फसलों, विशेषकर धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने और बुवाई के लिए यह मौसम बेहद मुफीद है.
मौसम विभाग की अपील
- आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम, आंधी या मेघगर्जन के समय वे खुले मैदानों, खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें. वज्रपात की आशंका को देखते हुए पक्के मकानों में शरण लें और सुरक्षित रहें.







