केरल विधानसभा चुनावों में मुख्य तौर पर मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है लेकिन काफी सीटों पर बीजेपी की मजबूत उपस्थित रहने की उम्मीद की जा रही है। LDF (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) की अगुवाई वाली मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में है। UDF (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) कांग्रेस के हाथों में हैं। इसके अलावा NDA (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) है। इसकी अगुवाई भाजपा के के पास है। 2021 के चुनावों में बीजेपी कोई सीट नहीं जीत पाई थी। इस बार बीजेपी को केरल में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
- केरल की शुरुआती मतगणना में यूडीएफ को शुरुआती बढ़त मिली है।
- यूडीएफ और एलडीएफ में कांटे का मुकाबला, बीजेपी का खुल रहा खाता।
- नेमोम सीट से आगे हुए बीजेपी केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर।
केरल एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। एग्जिट पोल ने मुकाबले को बेहद करीबी बताया है। इसमें अनुमान व्यक्त किया गया था कि एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल कर सकता है। इसके उलट राज्य में सत्ता परिवर्तन भी हो सकता है। इस मुकाबले के केंद्र में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का शासन मॉडल है, जो कल्याणकारी विस्तार और महत्वाकांक्षी अवसंरचना परियोजनाओं पर आधारित है। विधानसभा चुनावों में एलडीएफ ने अपने कार्यकर्ताओं की ताकत और जमीनी स्तर पर काम करने की क्षमता के बल पर अभूतपूर्व तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद में चुनाव लड़ा था। लेकिन, यूडीएफ ने सत्ता विरोधी लहरों का फायदा उठाने की कोशिश की थी।
केरल में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
केरल की मंत्री वीना जॉर्ज पीछे, जानें दिग्गजों का हाल
- केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखकर आगे।
- पूर्व डीजीपी और बीजेपी कैंडिडेट आर श्रीलेखा वट्टियूरकावु से पीछे।
- कांग्रेस नेता वी डी सतीशन पेरावूर से आगे चल रहे हैं। कांग्रेस नेता जी सुधाकरन अम्बालापुझा से आगे चल रहे हैं।
- बीजेपी नेता वी मुरलीधरन और के सुरेंद्रन आगे चल रहे हैं।
- पाला सीट से एलडीएफ कैंडिडेट जोस के मनी पीछे चल रहे हैं।
- वायनाड सीट से यूडीएफ/कांग्रेस के कैंडिडेट टी सिद्दीकी आगे हैं।







