अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज एक बार फिर नए इतिहास का साक्षी बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना की। इस मौके पर उन्होंने रामलला के दर्शन किए और आरती उतारी।
राममंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद आयोजित कार्यक्रम में हजारों रामभक्तों को संबोधित करते हुए श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि इसके साथ ही 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण परिपूर्ण हो गया है।
कार्यक्रम में राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें वो लोग भी शामिल रहे जो 1984 से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में होना मेरे जीवन का कृतार्थ करने वाला पल है। मैं यहां पर आकर गौरवांवित हूं। राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हमें यह सौभाग्य का पल मिला है। राम मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा, मंदिर का ध्वजारोहण हमारे इतिहास की स्वर्णिम तिथियां हैं। मुझे श्रीराम यंत्र की स्थापना का अवसर मिला है। यह प्रभु श्रीराम की मेरे ऊपर कृपा का प्रतीक है। ऐसा मेरा मानना है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन करना एक जैसा है। आज के इस अवसर पर हम संकल्प लें कि भारत मां के सम्मान और वैभव को शिखर पर ले जाएंगे।
श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने किए रामलला के दर्शन
राष्ट्रपति ने की श्रीराम यंत्र की स्थापना, तीन आचार्य रहे मौजूद
राष्ट्रपति ने पूरे विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना में भाग लिया। इस दौरान इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहे।
रामनगरी अयोध्या में नवसंवत्सर उत्सव के अवसर पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष मौके पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या पहुंच चुकी हैं और आज राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना व पूजन करेंगी। इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्रीराम मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। इस आयोजन के लिए केरल की माता अमृतानंदमई अम्मा जी अपने करीब एक हजार भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी हैं। श्रीराम मंदिर के निर्माण में करीब 6000 लोगों का योगदान रहा है जिनमें से करीब 2000 लोग आज के इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। ऐसे लोग जो 1984 से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं वो भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पूर्ण होने के बाद सभी रामलला के दर्शन करेंगे और गंतव्य की ओर रवाना हो जाएंगे।
राम दरबार में पूजा-अर्चना और पारंपरिक स्वागत
अयोध्या पहुंचने पर राष्ट्रपति का पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने राम दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। रामनगरी में प्रवेश उन्होंने जगतगुरु आद्य शंकराचार्य द्वार से किया।
राज्यपाल बोलीं- अयोध्या वैश्चिक चेतना का केंद्र बनी
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का मंदिर अब एक राष्ट्र मंदिर बन चुका है। ये हमारे लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह सौभाग्यशाली पल करोड़ों रामभक्तों के संघर्ष और बलिदान के कारण संभव हो सका है। आज अयोध्या वैश्चिक चेतना का केंद्र बन चुकी है।
सीएम योगी बोले- अयोध्या में होती है रामराज्य की अनुभूति
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज दुनिया भर में युद्ध चल रहे हैं पर हम लोग आज राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के इस आनंदमयी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। यही तो रामराज्य की अनुभूति है इसलिए ही तो कहा जाता है कि हमारा भारत वर्ष साधु-संतों की भूमि है।
उन्होंने कहा कि आज राम मंदिर हमारे युवाओं को हमारी संस्कृति से जोड़ रहा है। यही कारण है कि जब नववर्ष का शुभारंभ होता है तो युवा कहीं और नहीं जाकर मंदिर में दर्शन कर अपने नववर्ष का शुभारंभ करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम यंत्र की स्थापना के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया।
इस अवसर पर उन्होंने सभी रामभक्तों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ ही प्रभु श्रीराम का मंदिर परिपूर्ण हो गया। राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है।
स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज बोले- इसके साथ ही राम मंदिर का निर्माण परिपूर्ण हुआ
राममंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद आयोजित कार्यक्रम में हजारों रामभक्तों को संबोधित करते हुए श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि इसके साथ ही 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण परिपूर्ण हो गया है।
कार्यक्रम में राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें वो लोग भी शामिल रहे जो 1984 से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए थे।
राष्ट्रपति दौरे के मद्देनजर राम मंदिर में देर रात तक दर्शन, रूट डायवर्जन लागू
राम मंदिर को एक घंटे पहले खोले जाने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए पहुंच रही है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जिस समय वह मंदिर में रहेंगी, उस दौरान आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेगा। इसी कारण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देर रात तक दर्शन जारी रखने का निर्णय लिया।
वहीं सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर 18 मार्च से अयोध्या में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। रूट डायवर्जन 19 मार्च शाम 5 बजे तक लागू रहेगा।
राष्ट्रपति सुबह 11 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगी और 11:40 बजे आद्य शंकराचार्य द्वार से राम मंदिर में प्रवेश करेंगी। सुबह 11:55 बजे श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद वह सभा को संबोधित करेंगी तथा 3:15 बजे राममंदिर से प्रस्थान करेंगी।







