पाकिस्तान-अफगानिस्तान के संघर्ष में इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। तुर्की मीडिया रॉयल टाइन न्यूज डॉट काम का दावा है कि पाकिस्तान के हमले में तालिबान के शिक्षामंत्री निदा मुहम्मद नदीम मारे गए हैं। हमले के स्थान वाला एक फोटो भी शेयर किया गया है, जहां एक वाहन के परखच्चे उड़े हुए देखे जा रहे हैं।
अफगानिस्तान के स्पिन बोल्डक शहर में हुआ हमला
तुर्की मीडिया के अनुसार पाकिस्तान ने यह हमला अफगान शहर स्पिन बोल्डक में किया, जिसमें एक वाहन को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के अनुसार उसमें एक महत्वपूर्ण कमांडर सवार था। अफगान तालिबान के शिक्षा मंत्री निदा मुहम्मद नदीम उसी वाहन में थे। उन्होंने पहले नंगरहार के गवर्नर के रूप में सेवा की थी। दावा किया गया है कि हमले में उनकी मौत हो गई। तुर्की मीडिया ने इस दौरान स्वतंत्र स्रोतों के हवाले 133 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का भी दावा किया है, जबकि 200 से अधिक को घायल बताया है।
पाक-अफगान सीमा पर मोर्टार हमला, कैंप में अफरातफरी
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तोरखम के पास ओमारी कैंप में रात भर हुए एक मोर्टार हमले के बाद डरावना और अफरातफरी का माहौल है। समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए एक 65 वर्षीय व्यक्ति गंदर खान ने बताया, “बच्चे, महिलाएं और बूढ़े लोग भाग रहे थे। मैंने खून देखा, हमले में दो-तीन बच्चे और दो-तीन महिलाएं घायल हुईं।” एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि दहशत के कारण कई बच्चे लापता हो गए और लोग डर के मारे अपने कागज, पैसे और सहायता राशि तक छोड़कर भाग गए।
पाक-अफगान संघर्ष: दोनों तरफ से भारी नुकसान का दावा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी संघर्ष को लेकर दोनों तरफ से बड़े दावे किए जा रहे हैं। विभिन्न समाचार एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है कि लड़ाई में 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं, तालिबान सरकार ने अपने 8 लड़ाकों के मारे जाने और 11 के घायल होने की जानकारी दी है। तालिबान ने यह भी दावा किया है कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और दो सैन्य ठिकानों समेत 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, पाकिस्तान ने अपने केवल दो सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर जंग, भीषण गोलीबारी जारी
अफगानिस्तान-पाकिस्तान के तोरखम बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच भीषण गोलीबारी और गोलाबारी जारी है। न्यूज एजेंसी एएफपी के पत्रकारों ने बताया कि शुक्रवार सुबह से ही सीमा पर अफगानिस्तान की तरफ से गोलाबारी की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद झड़पें फिर से शुरू हो गईं। इस लड़ाई में सीमा के पास बने ओमारी कैंप को भी निशाना बनाया गया, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। एक चश्मदीद के मुताबिक, हमले में कई बच्चे और महिलाएं घायल हुई हैं।
ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इस्लामाबाद और काबुल के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने में मदद की पेशकश की है। एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘रमजान के पवित्र महीने में, जो आत्मसंयम और एकजुटता को मजबूत करने का महीना है, यह उचित है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान अच्छे पड़ोसी संबंधों के ढांचे के भीतर और संवाद के मार्ग के माध्यम से अपने मौजूदा मतभेदों का प्रबंधन और समाधान करें।”
अराघची ने आगे कहा,’इस्लामिक गणराज्य ईरान दोनों देशों के बीच संवाद को सुगम बनाने और समझ और सहयोग को मजबूत करने में किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।’ पिछले साल कतर ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी, और सीमा पर छिटपुट उल्लंघन की घटनाओं के बावजूद यह व्यवस्था काफी हद तक कायम रही।
पाकिस्तान के हमले में अफगानिस्तान को हुआ क्या नुकसान
दावने के अनुसार पाकिस्तान के हमले में अफगानिस्तान के दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय, दो हथियार डिपो, एक लॉजिस्टिक्स बेस, तीन बटालियन मुख्यालय, दो सेक्टर मुख्यालय, और 80 से अधिक टैंक, तोपें तथा बख्तरबंद वाहन नष्ट हो गए। बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सीमा पर संघर्ष जारी है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से भीषण गोलीबारी की सूचना है।







