गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी 2026) में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने ‘भीष्म’ नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।
कर्तव्य पथ पर आज भारतीय वायुसेना का शौर्य का फॉर्मेशन भी देखना को मिला. पहलगाम में हुए आतंकी पर पलटवार करते हुए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान में आतंकियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. आज वायुसेना की उस वीरता का देश भी गवाह बना. भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन बनाकर देश को गर्व करने का मौका दिया.
ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन में जब भारतीय वायुसेना के विमान गरजते हुए कर्तव्य पथ पर से गुजरे तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा कर्तव्यपथ गूंज उठा. सिंदूर फॉर्मेशन में 2 राफेल,, 2 सुखोई, 2 मिग 29 और एक जगुआर लड़ाकू विमान शामिल था. ग्रुप कैप्टन रघुवंशी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन बनाया गया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया. जैसे ही तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान की मधुर धुन गूंजी और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया. इस अवसर पर राष्ट्रपति के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
पाकिस्तान के आतंक को भारत का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने यह स्पष्ट फैसला कर लिया था कि वो पाकिस्तान के पाले-पोसे गए आतंकवाद के खिलाफ ‘निर्णायक कदम’ उठाएगा. इसी के तहत 6 और 7 मई की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश की सेना, नौसेना और वायु सेना ने मिलकर सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के नौ आतंकवादी शिविरों को ‘सटीकता’ से निशाना बनाया.
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना और तटरक्षक बल के ALH ध्रुव (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर) और इसके एडवांस्ड वर्जन, रुद्र ने अपने शौर्य का शानदार प्रदर्शन किया। सेना के इन हेलिकॉप्टरों ने शानदार फॉर्मेशन के जरिए सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
एचएएल (HAL) का बनाया हुआ ध्रुव (ALH) हेलिकॉप्टर भारतीय सेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए 25 सालों से सेवा दे रहा है। यह एक स्वदेशी, 5.5-टन वजनी, दो इंजन वाला हेलिकॉप्टर है जो कई तरह के मिशनों को अंजाम देता है। युद्ध के मैदान में यह दुश्मन की रेकी करने में काफी कारगर है।
राफेल ने कर्तव्य पथ के ऊपर से भरी उड़ान
900 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जब कर्तव्य पथ के ऊपर से गुजरा, तो लोग जोश से भर गए. राफेल भारत का लेटेस्ट फाइटर प्लेन है.
भारतीय रक्षा बलों की झांकी
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय रक्षा बलों की तीनों सेवाओं की झांकी ऑपरेशन सिंदूर: एकजुटता के माध्यम से विजय को दर्शाते हुए मार्च किया.







