उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी चल रही है, जिससे यूपी से लेकर दिल्ली तक हलचल बढ़ी हुई है. सूत्रों के अनुसार, यूपी में जल्द ही कैबिनेट का विस्तार हो सकता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल मुलाकात की, जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई. संभावित नए चेहरों में भूपेंद्र चौधरी, विधायक पूजा पाल, श्रीकांत शर्मा, और सिद्धार्थ नाथ सिंह शामिल हो सकते हैं. पूजा पाल ने योगी सरकार के लॉ एंड ऑर्डर की तारीफ की थी और पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। भूपेंद्र चौधरी जाट नेता हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभावशाली हैं. बैठक के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि 14 जनवरी के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई भाजपा नेताओं से मुलाकात को भले ही शिष्टाचार भेंट बताया जा रहे है, लेकिन इस दौरे ने प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों की छाप योगी मंत्रिमंडल के विस्तार और भाजपा के प्रदेश संगठन में बदलाव पर भी दिख सकती है।
रिक्त छह पदों पर होगी ताजपोशी
सीएम योगी की मौजूदा टीम में 54 मंत्री हैं। छह पद खाली हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार में छह विधायकों को मंत्री बनाया जाना तय है। सूत्रों के मुताबिक निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत कई अन्य ओबीसी वर्ग के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हालांकि किसी का नाम स्पष्ट नहीं है, फिर भी भूपेंद्र चौधरी, पूजा पाल, महेन्द्र सिंह और मुकेश चौधरी समेत कई नाम चर्चा में हैं।
मंत्री पद के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी
सीएम के दिल्ली दौरे ने मंत्री बनने का सपना देखने वाले विधायकों की बेचैनी बढ़ा दी है। कई विधायक तो पहले से दिल्ली में डेरा जमाए हैं। इनमें कुछ विधायक ऐसे भी हैं, जो पहले तो प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर गड़ाए थे, लेकिन वहां पिछड़ने के बाद अब उनकी निगाह मंत्री पद पर है।







