ADVERTISEMENT
Monday, August 17, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

अमेरिका के लिए क्यों जरूरी है ग्रीनलैंड ?

UB India News by UB India News
January 6, 2026
in अन्तर्राष्ट्रीय
0
नोबल पुरस्कार के लिए और बढ़ी ट्रंप की बेकरारी…………..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दक्षिण अमेरिकी देशों से लेकर कैरेबियाई देशों को खुले तौर पर धमकी दे चुकै हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों की टिप्पणियों के बाद ग्रीनलैंड के भविष्य में अमेरिका का निशाना बनने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रंप के बयान पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रंप को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की धमकियां देना बंद करने की चेतावनी दी।

RELATED POSTS

अमेरिका-ईरान की 60 दिन की डील आज खत्म, अब क्या होगा?

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

ट्रंप को डेनमार्क ने दी चेतावनी
डेनमार्क की पीएम ने साफ शब्दों में ट्रंप से कहा, ‘डेनमार्क साम्राज्य और ग्रीनलैंड नाटो का हिस्सा हैं। इसकी वजह से यह गठबंधन की सुरक्षा गारंटी के तहत आता है। डेनमार्क और अमेरिका के बीच पहले से ही एक रक्षा समझौता है, जो अमेरिका को ग्रीनलैंड तक व्यापक पहुंच प्रदान करता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसी आधार पर मैं अमेरिका से आग्रह करती हूं कि वह ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ सहयोगी और एक ऐसे देश और लोगों के खिलाफ धमकियां देना बंद करे, जिन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे बिकने वाले नहीं हैं।’

वेनेजुएला पर हमले के बाद ग्रीनलैंड क्यों सुर्खियों में आया?
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के कुछ ही घंटों बाद ही दुनिया की नजरें ग्रीनलैंड पर केंद्रित हो गईं। इसकी वजह सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप अपने पिछले कार्यकाल में भी ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रस्ताव दे चुके हैं। ग्रीनलैंड एक ऐसा देश जो काफी रणनीतिक महत्त्व वाला है। यहां की जनसंख्या महज 56 हजार है।

आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है। हालांकि, यह डेनमार्क साम्राज्य के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है, जो सियासी तौर पर यूरोप से जुड़ा है। यह आंतरिक मामलों में स्वशासित है, लेकिन विदेश और सुरक्षा नीति डेनमार्क के नियंत्रण में है। हालांकि, 2009 के स्वशासन अधिनियम के तहत इसे पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करने का अधिकार है, जिसे ग्रीनलैंड के लोग जनमत संग्रह के जरिए चुन सकते हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है ग्रीनलैंड?
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं की ओर से अमेरिका के रुख को अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के खिलाफ बताया जाता रहा है। ग्रीनलैंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से मछली पकड़ने पर आधारित है। हाल के वर्षों में अमेरिका की ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों में रुचि बढ़ी है, जिसमें दुर्लभ पृथ्वी खनिजों, यूरेनियम और लोहे का खनन शामिल है।

दरअसल, वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी के चलते ग्रीनलैंड को ढकने वाली कुछ बर्फ पिघलने से ये जगहें अधिक सुलभ हो सकती हैं। ट्रंप के हालिया बयान में भी इसका इशारा है। ट्रंप ने कहा कि आर्कटिक में रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों की वजह से ग्रीनलैंड बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर बर्फ पिघलने से नए जल मार्ग और सैन्य अवसर खुल रहे हैं।

अमेरिका का ग्रीनलैंड में लंबे समय से सुरक्षा हित रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने डेनमार्क की मुख्य भूमि पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर हमला किया और पूरे क्षेत्र में सैन्य और रेडियो स्टेशन स्थापित किए।

रूस से बचाव का सबसे बड़ा जरिया
युद्ध के बाद भी अमेरिकी सेना ग्रीनलैंड में बनी रही। पिटुफिक स्पेस स्टेशन, जिसे पहले थुले हवाई अड्डे के नाम से जाना जाता था, तब से अमेरिका की ओर से ही संचालित किया जा रहा है। 1951 में डेनमार्क के साथ एक रक्षा समझौते में अमेरिका को क्षेत्र में सैन्य अड्डों के निर्माण और रखरखाव का अधिकार मिल गया।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक रॉयल डेनिश डिफेंस कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर मार्क जैकबसन ने कहा, ‘अगर रूस अमेरिका की ओर मिसाइलें दागता है, तो परमाणु हथियारों के लिए सबसे छोटा मार्ग उत्तरी ध्रुव और ग्रीनलैंड से होकर गुजरेगा। इस वजह से पिटुफिक स्पेस स्टेशन अमेरिका की रक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।’ जैकबसेन ने आगे कहा कि ट्रंप को ग्रीनलैंड के विशाल भूभाग में खनन की संभावनाओं में खासकर दक्षिण में पाए जाने वाले दुर्लभ खनिज पदार्थों में दिलचस्पी होने की संभावना है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्कटिक इंस्टीट्यूट के एक शोध पत्र के अनुसार चीन और रूस ने हाल के वर्षों में आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना शुरू कर दिया है। ट्रंप ने हालिया बयान में इसका जिक्र भी किया है। शोध पत्र में अमेरिका से अपने प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला करने के लिए आर्कटिक में अपनी उपस्थिति को और अधिक विकसित करने का आह्वान किया गया है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता…………..

अमेरिका-ईरान की 60 दिन की डील आज खत्म, अब क्या होगा?

by UB India News
August 17, 2026
0

मिडिल ईस्ट में जारी जंग को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच जो अंतरिम समझौता (MoU) हुआ...

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

by UB India News
August 16, 2026
0

होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही डील को लेकर अच्छी खबर आई है. बताया जा रहा...

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, कई इमारतें गिरीं, 20 लोगों की मौत

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, कई इमारतें गिरीं, 20 लोगों की मौत

by UB India News
August 16, 2026
0

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार,...

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति…….

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति…….

by UB India News
August 15, 2026
0

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आएंगे। ईरानी सूत्रों ने...

ईरानी एजेंटों को ट्रम्प के ठहरने वाली बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि उनके फ्लोर तक का पता था !………….

ईरानी एजेंटों को ट्रम्प के ठहरने वाली बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि उनके फ्लोर तक का पता था !………….

by UB India News
August 13, 2026
0

तुर्किये में नाटो समिट के दौरान ईरानी एजेंटों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ठिकाने की जानकारी मिल गई थी।...

Next Post
दक्षिण अमेरिका की सबसे मजबूत एयर डिफेंस कैसे ‘कबाड़’ बन गई…………..

दक्षिण अमेरिका की सबसे मजबूत एयर डिफेंस कैसे 'कबाड़' बन गई..............

बिहार की राजनीति में लालू की हनक बरकरार…………

IRCTC घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू यादव की याचिका पर जारी किया नोटिस, सीबीआई से मांगा जवाब

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend