बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल नीलामी में खरीदने पर लगातार विवाद हुआ। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने 16 दिसंबर 2025 को अबुधाबी में आईपीएल 2026 के लिए हुई मिनी नीलामी में मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में लेने पर केकेआर और उसके मालिक बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की जमकर आलोचना की गई थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी सामने आया और आखिरकार उसने केकेआर से मुस्तफिजुर को रिलीज करने कहा। इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा अगर किसी की आलोचना हुई तो वह शाहरुख ही थे। बीसीसीआई ने विवाद बढ़ता देख हस्तक्षेप किया और मामले को सुलझाने की कोशिश की है
बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर क्यों हो रहा विवाद?
मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। ऐसा नहीं है कि हमेशा ही बांग्लादेश के खिलाड़ियों को लेकर रोष देखने को मिला है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।







