म्यांमार में रविवार से बहु-चरणीय आम चुनाव शुरू हो गए हैं, लेकिन इन चुनावों को लोकतंत्र की वापसी कहना खुद हालात से टकराता दिख रहा है. जिस देश में पांच साल से गृहयुद्ध चल रहा हो, जहां बड़ी आबादी सेना के हमलों से बचने के लिए जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में छिपी हो, वहां मतदान की शुरुआत ने शांति से ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं. मतदान का पहला चरण सेना के नियंत्रण वाले इलाकों में हुआ. यांगून, मांडले और राजधानी नेपीडॉ में सुबह 6 बजे पोलिंग बूथ खुले, लेकिन शुरुआती घंटों में तस्वीर साफ थी. मतदाताओं से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और चुनाव अधिकारी नजर आए. कई बूथों पर पत्रकारों की संख्या वोट डालने आए लोगों से ज्यादा रही.
म्यांमार का लोकतंत्र कैद में
म्यांमार की सबसे लोकप्रिय नेता आंग सान सू की आज भी जेल में हैं और उन्हें 27 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसे मानवाधिकार संगठन राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हैं. उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को भंग कर दिया गया है और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है. यही नहीं, 2020 में चुनाव लड़ने वाली ज्यादातर पार्टियों को या तो भंग कर दिया गया है या उन्होंने बहिष्कार कर दिया है. ऐसे में मैदान में वही पार्टियां बची हैं जिन्हें सेना की मंजूरी है, खासकर सैन्य समर्थित यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी, जिसके सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरने की उम्मीद जताई जा रही है.
ईवीएम को लेकर क्या सवाल उठे?
म्यांमार की कुल 330 में से करीब 65 संसदीय सीटों पर मतदान हो ही नहीं रहा. खुद सैन्य शासन मान चुका है कि देश के बड़े हिस्से में चुनाव कराना संभव नहीं है क्योंकि वहां विद्रोही समूहों का नियंत्रण है. यानी करीब 5 करोड़ की आबादी वाले देश में लाखों लोग इस चुनावी प्रक्रिया से बाहर हैं. नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इनमें न तो नोटा का विकल्प है और न ही वोट खराब करने की अनुमति, जिससे पारदर्शिता पर और संदेह गहरा गया है.
फरवरी 2021 में म्यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को तख्तापलट के जरिए गिरा दिया था. उस समय नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (NLD) भारी बहुमत से चुनाव जीत चुकी थी और दूसरी बार सरकार बनाने जा रही थी. सेना ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया, जिसे सू ची और अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों ने सिरे से खारिज कर दिया. इसके बाद सू ची, NLD के नेताओं और हजारों लोकतंत्र समर्थकों को जेल में डाल दिया गया.
किस तरह हो रहा चुनाव
ये चुनाव पूरे देश में एक साथ नहीं हो रहे हैं. कुल 330 में से केवल 265 टाउनशिप में मतदान कराया जाएगा.
- 28 दिसंबर: 102 टाउनशिप
- 11 जनवरी: 100 टाउनशिप
- 25 जनवरी: 63 टाउनशिप







