पिछले तीन दिनों से लगातार हिंसा जारी है। 18 दिसंबर की हिंसा के बाद लगा था कि बांग्लादेश में हिंसा का दौर थम जाएगा, लेकिन 19 दिसंबर को भी बांग्लादेश में हिंसा जारी रहा। उदिची शिल्पी गोष्ठी के दफ्तर पर हमला बोला गया, दफ्तर में तोड़फोड़ की गई, फिर आग के हवाले कर दिया गया। आज राजधानी ढाका में उस्मान हादी को दफनाया जाएगा। उससे पहले जनाजे की नमाज अता की जाएगी.. उस्मान हादी की मौत पर बांग्लादेश की मोहम्मद युनूस सरकार ने आज एक दिन का राजकीय शोक का ऐलान किया है, साथ ही जनाजे में ज्यादा से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अपील की गई है.. ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर वहां हिंसा भड़क सकती है। बांग्लादेश अब जिहादिस्तान बनने की राह पर निकल पड़ा है। आज पूरे देश में जिहादियों का बोलबाला है, सड़कों पर जिहादियों का कब्जा है, वहां जिहादी जैसा चाहते हैं युनूस सरकार भी वैसा ही करती है..
इस बीच, हादी का शव शुक्रवार शाम सिंगापुर से ढाका लाया गया। हादी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। जनाजे की नमाज दोपहर 2 बजे राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में अदा की जाएगी। इसके बाद, उनके शरीर को ढाका विश्वविद्यालय ले जाया जाएगा। वहां उन्हें राष्ट्रीय कवि नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफनाया जाएगा। हिंसा के फिर से भड़कने की आशंका से पुलिस बल ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं।
इधर भारतीय सेना भी एक्टिव हो गई है और बांग्लादेश के हालात पर नजर बनाए हुए है। ईस्टर्न कमांड प्रमुख ले. जनरल आरसी तिवारी ने गुरुवार शाम भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा किया है।
हिंसा और विरोध प्रदर्शन से बांग्लादेश उबल रहा है, लोग सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार की रात अचानक बांग्लादेश में हिंसा और अराजकता का माहौल छा गया। सिंगापुर में भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन और अशांति फैल गई। मीडिया संस्थानों, सांस्कृतिक केंद्रों और यहां तक कि शेख मुजीबुर रहमान के आवास को भी जला दिया गया। वहीं, हिंसा और उपद्रव के बीच ईशनिंदा के आरोपों पर एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे पेड़ से लटका दिया गया और जलाकर मार डाला गया।
बता दें कि भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी को पिछले हफ्ते ढाका में नकाबपोश, बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी। हादी को गोली मारने के बाद फैली हिंसा और गोली मारने वाले कथित शूटर और मुख्य आरोपी फैसल करीम की भविष्यवाणी से बेहद मिलता-जुलता है। खबरों के अनुसार, गोलीबारी से एक रात पहले ढाका के बाहर एक रिसॉर्ट में फैसल ने अपनी प्रेमिका से कहा था कि कुछ ऐसा होने वाला है जो “पूरे बांग्लादेश को हिला देगा”।
अब हादी की मृत्यु के बाद बांग्लादेश में जो स्थिति बनी है, वह पूरी तरह से अराजकता है। बांग्लादेश में ये अराजकता का माहौल तब छा गया है जब फरवरी 2026 में महत्वपूर्ण चुनाव होने वाले हैं। शरीफ उस्मान हादी एक कट्टरपंथी भारत विरोधी नेता और शेख हसीना विरोधी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। वे ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र राजनीतिक उम्मीदवार भी थे।
बांग्लादेशी जांचकर्ताओं ने क्या कहा?
- बांग्लादेशी जांचकर्ताओं के अनुसार, हादी पर हुए हमले से पहले की रात में महत्वपूर्ण सुराग छिपे हैं। मामले की जांच कर रही कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बताया कि पहली गोली चलने से पहले ही फैसल ने अपनी प्रेमिका को एक बड़ी घटना के बारे में संकेत दिया था।
- ढाका के बाहरी इलाके सावर में एक रिसॉर्ट में ठहरते हुए, फैसल ने कथित तौर पर अपनी करीबी सहयोगी और प्रेमिका मारिया अख्तर लीमा को बताया कि अगले दिन कुछ नाटकीय होने वाला है।
- ढाका स्थित जमुना टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, फैसल ने मारिया को हादी का एक वीडियो क्लिप दिखाते हुए कहा, “यह कुछ ऐसा होगा जो पूरे देश को हिला देगा।”
- अखबार डेली जुगंतोर ने फैसल के हवाले से कहा, “कल (शुक्रवार को) कुछ ऐसा होगा जिससे पूरा देश कांप उठेगा।” यह बयान मारिया समेत गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान और जांच से जुड़े सूत्रों से सामने आया।
- अधिकारियों ने कहा कि इस टिप्पणी से पूर्व सूचना और योजना का संकेत मिलता है। उन्होंने दावा किया कि इससे पता चलता है कि हादी पर हमला एक सुनियोजित और समन्वित ऑपरेशन था, जिसमें दर्जनों लोग शामिल थे।
- बता दें कि फैसल की शादी साहेदा परवीन सामिया से हुई है, जिन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैसे बनाई गई थी हादी की हत्या की योजना?
बांग्लादेश में जांचकर्ताओं का मानना है कि यह गोलीबारी एक सुनियोजित साजिश का नतीजा थी। पुलिस की जांच के अनुसार, एक पूर्व पार्षद को हत्या के प्रयास का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 20 लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे, जिनमें वित्तपोषण और हथियार खरीद से लेकर हमले को अंजाम देना और हमलावरों को भागने में मदद करना शामिल था। प्रोथोम आलो अखबार के अनुसार, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियानों में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में क्या क्या हुए खुलासे, भारत से जुड़े तार?
- जांच के तहत की गई छापेमारी में कई करोड़ रुपये के हथियार, गोलियां, मैगज़ीन और चेक बरामद हुए हैं, जैसा कि जमुना टेलीविजन ने बताया। अधिकारियों ने कहा कि रिमांड के दौरान मिली जानकारी से अतिरिक्त शूटर समूहों के अस्तित्व की ओर इशारा मिलता है। एक जांच अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हादी की हत्या के स्पष्ट इरादे से बड़ी रकम का निवेश किया गया था।
- आरएबी ने पुष्टि की है कि गोलीबारी में इस्तेमाल की गई दो मैगज़ीन और 11 राउंड गोला-बारूद फैसल की बहन के घर के नीचे से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, जांचकर्ताओं ने ढाका के पड़ोसी नरसिंगदी जिले के एक तालाब से दो विदेशी पिस्तौल, दो मैगज़ीन, एक खिलौना पिस्तौल और 41 राउंड गोला-बारूद बरामद किया है, जिनके बारे में पुलिस का मानना है कि इनका इस्तेमाल हमले में किया गया था।
- जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि गोलीबारी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। हमले के बाद, फैसल और उसके साथियों ने ढाका में कई जगहों पर छुपकर अपना ठिकाना बनाया। पुलिस को ऐसे सबूत भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि फैसल के पिता ने पकड़े जाने से बचने के लिए गाड़ियों की नंबर प्लेट बदल दी थीं।
- कुछ आरोपी रिमांड पर हैं, जबकि कई अन्य पुलिस की निगरानी में हैं। हालांकि, फैसल करीम और उसके साथी, जिन्होंने दिनदहाड़े हादी को गोली मारी थी, अभी भी फरार हैं। बांग्लादेशी समाचार आउटलेट्स ने पहले खबर दी थी कि फैसल और उसके साथी भारत भाग गए हैं, जबकि ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा था कि “हमलावरों के भारत में प्रवेश करने का कोई पुख्ता सबूत नहीं है”। यह जानकारी ढाका स्थित टीवी चैनल जगोन्यूज24 ने 14 दिसंबर को दी।
- हालांकि, उसी दिन मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भारत से हमलावरों को गिरफ्तार करके सौंपने का आग्रह किया, जबकि ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि हमलावरों के भारत में प्रवेश करने का कोई पुख्ता सबूत नहीं है। जमुना टेलीविजन की एक रिपोर्ट के अनुसार, हादी के हमलावरों में से एक गुवाहाटी में रहने के बाद अब कथित तौर पर महाराष्ट्र में है और रिलायंस जियो सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा है।
दावे और हकीकत
यह याद रखना जरूरी है कि ये सिर्फ दावे हैं। ढाका महानगर पुलिस की ओर से अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि हादी के हमलावर वास्तव में भारत भाग गए हैं। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश अराजकता और अशांति के कगार पर खड़ा है। फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों के साथ, देश एक अस्थिर और अशांत माहौल का सामना कर रहा है, जहां हिंसा और भय उस राजनीतिक प्रक्रिया को नष्ट करने की धमकी दे रहे हैं जिसका वादा यूनुस प्रशासन ने किया था।

यूनुस सरकार ने दंगाइयों को फ्री हैंड दिया था
इससे पहले उस्मान हादी की गुरुवार रात उनकी मौत हो गई। इसके बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान आंदोलनकारियों ने ढाका में 2 प्रमुख मीडिया हाउस, आवामी लीग के कार्यालय को फूंक दिया।
भास्कर को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि यूनुस सरकार ने दंगाइयों को फ्री हैंड दिया था। दो घंटे तक मौके पर पुलिस या आर्मी को नहीं भेजा गया। यूनुस सरकार 12 फरवरी को चुनाव टालने के फेर में है।
अवामी लीग बैन है, बीएनपी के तारिक रहमान 25 दिसंबर को लंदन से ढाका लौट रहे हैं। रहमान अपनी पार्टी के लिए कोई आधार नहीं बना पाएं, इसलिए यूनुस अराजकता चाहते हैं। कट्टरपंथी जमात को यूनुस का समर्थन हासिल है। अवामी लीग और बीएनपी के हाशिये पर जाने के बाद चुनाव होते हैं तो जमात की बड़ी जीत के आसार हैं। यूनुस फिर राष्ट्रपति बन सकते हैं।









