मुंबई-दिल्ली समेत देश के कई हवाई अड्डों पर शुक्रवार सुबह भी इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन का संकट और गहरा गया। सैकड़ों यात्री घंटों से टर्मिनल पर फंसे हैं। किसी की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई, तो कोई अपने बच्चे के स्कूल प्रोग्राम से चूक गया। हालात यह हैं कि इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद दूसरी एयरलाइंस ने टिकटों के दाम कई गुना बढ़ा दिए हैं। जो टिकट 5-6 हजार में मिल रहा था, वह अब 30-40 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। ऐसे में यात्रियों का दर्द एयरपोर्ट पर साफ झलक रहा है।
इंडिगो एयरलाइन पर संकट के बादल कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। दिल्ली हवाई अड्डे से शुक्रवार रात तक सभी घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट ऑपरेटर DIAL ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को अपने फ्लाइट शेड्यूल की पुष्टि करने और यात्रा में होने वाली संभावित असुविधाओं के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
बेंगलुरु, हैदराबाद में भी बुरा हाल
बेंगलुरु में शुक्रवार सुबह 100 से अधिक फ्लाइट्स रद्द हुईं, जबकि हैदराबाद एयरपोर्ट पर 90 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित रहीं। अन्य एयरपोर्ट्स पर भी देरी और रद्दीकरण की खबरें सामने आईं। एयरलाइन की ऑपरेशनल चुनौतियों में कैबिन क्रू की कमी और अन्य आंतरिक समस्याएं मुख्य कारण बताई जा रही हैं।
यात्री परेशान, बैगेज का भी संकट
फंसे हुए यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें ना केवल फ्लाइट कैंसल होने का झटका लगा बल्कि बैगेज की जानकारी भी नहीं दी जा रही थी। कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, और कुछ ने कहा कि उन्हें रिफंड मिलने में भी देरी हो रही है।
बाजार पर असर
इंडिगो की लगातार उड़ानों में रद्दीकरण का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा। शुक्रवार को BSE पर इंडिगो का शेयर 5298.5 पर बंद ट्रेड कर रहा है, जो पिछले दिन की तुलना में 2.5% गिरावट है। निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और विश्लेषकों का कहना है कि यदि बड़े पैमाने पर रद्दीकरण जारी रहता है तो शेयर कीमत में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
एयरलाइन की चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो को अपने शेड्यूल को स्थिर करने के लिए फुर्ती और एक्स्ट्रा क्रू व्यवस्था करनी होगी। मौजूदा समय में एयरलाइन का नेटवर्क प्रबंधन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और यात्रियों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।







