कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है. रामनाथ गोयनका व्याख्यान में पीएम मोदी के भाषण की प्रशंसा की. थरूर ने लिखा, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब सिर्फ़ एक ‘उभरता हुआ बाज़ार’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक ‘उभरता हुआ मॉडल’ है, और इसके आर्थिक लचीलेपन का ज़िक्र किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा चुनावी मूड में रहने का आरोप लगाया जाता रहा है, लेकिन असल में वे लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए भावनात्मक मूड में रहते हैं.
उन्होंने विकास के लिए भारत की ‘रचनात्मक जुनून का जिक्र किया और उपनिवेशवाद विरोधी मानसिकता पर जोर दिया. उनके भाषण का एक अहम हिस्सा मैकाले की 200 साल पुरानी ‘गुलामी मानसिकता’ की विरासत को पलटने पर केंद्रित था. पीएम मोदी ने भारत की विरासत, भाषाओं और ज्ञान के तरीकों पर गौरव बहाल करने के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील की. काश, उन्होंने यह भी स्वीकार किया होता कि कैसे रामनाथ गोयनका ने भारतीय राष्ट्रवाद की आवाज़ उठाने के लिए अंग्रेजी का इस्तेमाल किया था.
विस्तार से देखें तो पीएम मोदी का भाषण भारत के आर्थिक नजरिये और सांस्कृतिक अपील पर था, जिसमें उन्होंने देश को प्रगति के लिए लगातार तत्पर रहने का आह्वान किया. सर्दी-खांसी से परेशान होने के बावजूद दर्शकों के बीच मुझे उपस्थित रहकर खुशी हुई.
गौरतलब है कि केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर पहले भी कई मौकों पर सरकार की प्रशंसा कर चुके हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जरिये ऐसे आतंकी हमलों को लेकर भारत के नए रुख को भी सही ठहराया था. कांग्रेस के कई नेता इसको लेकर शशि थरूर की आलोचना भी कर चुके हैं. केरल या अन्य जगहों पर कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में वो पीएम मोदी के साथ नजर आ चुके हैं.






