उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध तरीके से बनाई गई एक मस्जिद को गुरुवार को गिराया जा रहा है. तालाब की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद और मैरिज हॉल के कब्जे को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा है. आरोप है कि मस्जिद अवैध तरीके से तालाब के ऊपर बनाई गई है. 10 साल पहले मस्जिद का निर्माण किया गया था. संभल के राय बुजुर्ग गांव में इस मस्जिद का निर्माण किया गया है. राजस्व विभाग की टीम ने एक महीने पहले मस्जिद का दौरा किया था. इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद गिराने को लेकर नोटिस दिया था.
मस्जिद गिराने की कार्रवाई से पहले बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है. जनपद के कई थानों की फोर्स और पैरामिलिट्री के जवान मौके पर तैनात हैं. गांव में शांति व्यवस्था भंग ना हो, इसको लेकर पुलिस फ्लैग मार्च भी कर रही है. फिलहाल एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट सहित कई पुलिस के कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद है. पुलिस लगातार अनाउंस कर रही है कि लोग अपने घरों में रहे और बाहर न निकले.

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संभल के राय बुजुर्ग गांव में मस्जिद के साथ मैरिज हॉल को भी गिराया जाएगा. एनडीटीवी से बात करते हुए संभल के जिलाधिकारी डॉ राजेंदर पेंसिया ने कहा कि कार्रवाई शुरू होने से पहले जिला अधिकारी और पुलिस कप्तान ने गांव में किया फ्लैग मार्च किया है.

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संभल में एक्शन के लिए बुलडोजर मौके पर पहुंच चुके हैं

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इससे पहले बाराबंकी ज़िले में ‘तहसील वाली मस्जिद’ के नाम से मशहूर मस्जिद को 2021 में प्रशासन ने गिरा दिया था. उस समय ज़िला प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को अवैध बताया था.संभल में तीन महीने पहले रजा-ए-मुस्तफा मस्जिद को गिराया गया था. मस्जिद के ऊपर 40 फीट ऊंची मीनार बनी थी. मस्जिद कमेटी को प्रशासन ने 19 जून तक अवैध निर्माण तोड़ने की मोहलत दी थी, लेकिन कमेटी वक्त रहते निर्माण नहीं हटा पाई. इसके बाद मस्जिद कमेटी ने खुद से तोड़फोड़ का काम शुरू किया.
संभल DM डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा- जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। यह तालाब की जमीन है, जिस पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना है। कोर्ट में सभी पक्षों को सुना गया। उसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश जारी किया और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। सभी की राय है कि अगर यह अवैध रूप से बना है, तो इसे गिरा दिया जाना चाहिए।
गांव में विरोध की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस के अलावा ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी। इससे पहले 13 सितंबर को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद-मदरसा और मकानों पर लाल निशान लगाए थे।
संभल SP केके बिश्नोई ने कहा- यहां इन्हें 30 दिनों का समय दिया गया था। 30 दिन बाद भी जब इनके द्वारा इसे नहीं तोड़ा गया तो प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया कि इसे स्वयं तोड़ा जाएगा। यह एक अवैध निर्माण था। इन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। यहां पुलिस की पूरी व्यवस्था है। यहां ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। यह काफी बड़ा क्षेत्र है। इस जगह का निर्माण कई बीघा जमीन पर किया गया था।
धारा 67 की कार्रवाई करने के लिए नोटिस दिया गया था
तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- मस्जिद बहुत पहले चिह्नित की गई थी। राजस्व लेखपाल ने इसके खिलाफ धारा 67 की कार्रवाई करने को नोटिस दिया गया था। ये नोटिस 2 सितंबर को दिया गया था। इन लोगों से साक्ष्य मांगे गए थे, लेकिन कोई साक्ष्य हमें नहीं दिया गया, जिसके चलते ही आज ये बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है।
मस्जिद को खुद हटाने के लिए 4 दिन का समय मांगा
मस्जिद 510 वर्ग मीटर में बनी हुई है, जबकि उससे सटा हुआ जनता मैरिज हॉल 2810 वर्ग मीटर बना हुआ है। दोनों ही अवैध रूप से कब्जा करके बनाए गए हैंं। आज मैरिज हॉल को गिराते समय मस्जिद कमेटी के लोगों ने डीएम-एसपी से मिलकर मस्जिद को खुद हटाने के लिए 4 दिन का समय मांगा है। इसके लिए एक नोटिस देते हुए चार दिन का समय देने की बात सामने आ रही है। हालांकि, डीएम ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से एक दिन पहले गांव के लोगों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी। यह मस्जिद असमोली थाना क्षेत्र के राया बुजुर्ग गांव में 439 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी।
ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी, जिसकी विभागीय जांच में पुष्टि हुई। इसके बाद कब्जा करने वालों को 20 सितंबर तक स्वयं कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था।







