ADVERTISEMENT
Friday, July 3, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

H1-B Visa की टेंशन खत्म करेगा भारत सरकार का ये तगड़ा प्लान!

UB India News by UB India News
September 24, 2025
in कारोबार, कैरियर, खास खबर
0
H1-B Visa की टेंशन खत्म करेगा भारत सरकार का ये तगड़ा प्लान!
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B Visa की नई शर्ते लागू करके विदेशी छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। भारत सरकार ने इससे निपटने के लिए कमर कस ली है। देश को हायर एजुकेशन का हब बनाने की कवायद जारी है। एमबीबीएस की सीटें बढ़ेंगी, स्टूडेंट्स इंटर्नशिप का खास ध्यान रखा जाएगा और IITs में टीचिंग कोर्सेज शुरू करने के साथ-साथ नए अवसर खोजने का काम किया जाएगा।

H1-B Visa की टेंशन क्यों?

दरअसल, H1-B Visa पर नई शर्तों ने अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देख रहे भारत समेत दुनियाभर के छात्रों की टेंशन बढ़ा दी है। अब H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) कर दी गई है। नई फीस की वजह से विदेशी स्टूडेंट्स और वर्कर्स के लिए टेक्नोलॉजी-मेडिसिन जैसे सेक्टर्स में करियर बनाना मुश्किल हो गया है। अब भारत ने इससे निपटने के लिए तगड़ा प्लान तैयार कर लिया है।

RELATED POSTS

वैभव सूर्यवंशी: प्रतिभा का उदय या अपेक्षाओं का दबाव? भारतीय क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी परीक्षा………

शशि थरूर ने 12 साल में मोदी के कार्यकाल का किया आकलन…………….

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

करियर काउंसलर आलोक बंसल का कहना है कि अमेरिका में पढ़ाई जाने का प्लान बना रहे छात्रों और उनके पेरेंट्स कन्फ्यूजन में हैं, लेकिन उन्हें बाहर के विकल्पों के साथ-साथ भारत में बढ़ते विकल्पों को भी देखना चाहिए। हाल के समय में बड़ा बदलाव हुआ है, जैसे आईआईएम बेंगलुरु समेत कई आईआईएम में ग्रेजुएशन लेवल पर कोर्स शुरू किए गए हैं। न्यू एज प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने नए तरीके के कोर्स लान्च किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से हैं। भारत की यूनिवर्सिटी विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग कर रही है। ताकि स्टूडेंट्स को ग्लोबल एक्सपोजर मिल सके।

दूसरे देशों की यूनिवर्सिटी भारत आ रही हैं। इससे छात्रों का पढ़ाई पर खर्च भी कम होगा। आने वाले पांच से सात सालों में भारत बड़ा एजुकेशन हब बनेगा। डीयू के पूर्व प्रिंसिपल एस.के. गर्ग का कहना है कि आईआईएम व आईआईटी में ग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज को शुरू करना एक बड़ी पहल है। इन संस्थानों में पॉपुलर कोर्सेज की सीटें तो बढ़ ही रही हैं, साथ ही ग्रेजुएशन की नई सीटें भी क्रिएट हो रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अब छात्रों के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं रहेगी। जो छात्र विदेश जाकर ही पढ़ना चाहते हैं, उनको क्यूएस रैंकिंग में जगह बनाने वाली यूरोप, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर की यूनिवर्सिटीज में भी विकल्प तलाशने चाहिए।

डुअल डिग्री कोर्स का विकल्प

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) में ग्रेजुएशन और डुअल डिग्री यानी दोहरी डिग्री कोर्सेज शुरू हो चुके हैं। आईआईएम में अब केवल एमबीए ही नहीं बल्कि ग्रेजुएशन और पांच वर्ष के कोर्स भी शुरू हो गए हैं। 7 आईआईएम में डुअल डिग्री और 4 आईआईएम में ग्रेजुएशन कोर्सेज शुरू हुए हैं।

MBBS की सीटें बढ़ाने की तैयारी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) में बीटेक के साथ- साथ मैनेजमेंट, ह्यूमैनिटीज- सोशल साइंसेज के कोर्सेज भी आ रहे हैं। आईआईटी में सीटें हर साल बढ़ रही हैं। सरकार मेडिकल एजुकेशन के लिए हर वर्ष एमबीबीएस की सीटें बढ़ा रही है। 2025-26 में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 1,23,700 हो गई हैं। आगे एमबीबीएस की और 6 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ने वाली हैं। अगले साल एमबीबीएस की सीटें और बढ़ेंगी। देश में अगले पांच वर्षों में 75000 मेडिकल सीटों के इजाफे का लक्ष्य रखा गया है। वहीं सरकार ने शिक्षा संस्थानों को कहा है कि छात्रों की इंटर्नशिप पर खास ध्यान दिया जाए।

भारत में विदेशी यूनिवर्सिटीज के नए कैंपस

भारतीय छात्रों की संख्या में बेशक कमी होगी लेकिन भारत समेत दूसरे कई देशों में छात्रों के पास अवसरों की कमी नहीं होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि QS रैंकिंग में 54 भारतीय संस्थान अपनी जगह बना चुके हैं। इसके अलावा इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर समेत कई देशों की यूनिवर्सिटीज क्यूएस रैंकिंग में अच्छे पायदान पर हैं। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के कैंपस भारत में शुरू हो रहे हैं। 2026 तक कुल 16 विदेशी यूनिवर्सिटी के भारतीय कैंपस में पढ़ाई का मौका मिलेगा।

वर्ल्ड रैंकिंग में भारतीय संस्थानों का बढ़ता दबदबा

2025 की वर्ल्ड क्यूएस रैंकिंग देखें तो उसमें भारत के 54 शिक्षा संस्थान शामिल हैं। जी20 देशों में भारत का हायर एजुकेशन सिस्टम सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका, इंग्लैंड और चीन के बाद क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भारत के सबसे ज्यादा संस्थान हैं। अमेरिका के 192, यूके के 90 और चीन के 72 संस्थान हैं। इस बार की रैंकिंग में भारत की 8 नई यूनिवर्सिटीज शामिल हुई हैं।

यूनिवर्सिटीज अब ग्रेजुएशन के सामान्य व प्रफेशनल कोर्सेज के साथ-साथ 5 ईयर इंटीग्रेटिड कोर्सेज पर भी फोकस कर रही हैं। डुअल डिग्री कोर्सेज में भी स्पेशल ऑप्शन शामिल किए गए हैं। आईआईटी में टीचिंग कोर्सेज भी शुरू हो गए हैं। वहीं देश में इंडिया रैंकिंग भी दी जाती है और सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों से कंपलीट डेटा के साथ रैंकिंग सिस्टम से जुड़ने को कहा है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

वैभव सूर्यवंशी: प्रतिभा का उदय या अपेक्षाओं का दबाव? भारतीय क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी परीक्षा………

वैभव सूर्यवंशी: प्रतिभा का उदय या अपेक्षाओं का दबाव? भारतीय क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी परीक्षा………

by UB India News
July 2, 2026
0

भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई असाधारण युवा प्रतिभा उभरती है, देश की करोड़ों उम्मीदें उसके कंधों पर आ जाती...

शशि थरूर ने 12 साल में मोदी के कार्यकाल का किया आकलन…………….

शशि थरूर ने 12 साल में मोदी के कार्यकाल का किया आकलन…………….

by UB India News
July 2, 2026
0

कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. शशि थरूर ने एक लेख लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। केरल के...

अमेरिका-इजराइल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत ,ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक ………………

खामेनेई के शव को 4 महीनों से कैसे रखा हुआ है सुरक्षित?

by UB India News
July 2, 2026
0

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को 9 जुलाई को दफनाया जाएगा. उनकी मौत के 4 महीने से ज्यादा...

अब समय आ गया है कि दुनिया पीओके की सच्चाई पर नजर डाले…………..

अब समय आ गया है कि दुनिया पीओके की सच्चाई पर नजर डाले…………..

by UB India News
July 2, 2026
0

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जिस तरह सेना और सरकार के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे हैं...

व्हाट्सएप को सुप्रीम कोर्ट की फटकार,जवाबदेही से बच नहीं सकता

व्हाट्सएप के नये फीचर पर सरकार क्यों हुई सख्त, रोलआउट रोकने का क्यों दिया निर्देश !……………

by UB India News
July 2, 2026
0

भारत सरकार ने व्हाट्सएप के उस नए "यूज़रनेम (Username)" फीचर पर सख्त रुख अपनाया है, जिसके लागू होने के बाद...

Next Post
जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव का एलान, 24 अक्तूबर को मतदान और मतगणना भी

जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव का एलान, 24 अक्तूबर को मतदान और मतगणना भी

लेह में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प, CRPF की गाड़ी में आग लगाई………….

लेह में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प, CRPF की गाड़ी में आग लगाई.............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend