ADVERTISEMENT
Sunday, July 26, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

ऑपरेशन सिंदूर को 4 दिनों का टेस्ट मैच क्यों बनाया………….

UB India News by UB India News
September 9, 2025
in खास खबर, सेना
0
परेशन सिंदूर एक शतरंज के खेल की तरह था जिसमें दुश्मन को शह और मात दे रहे थे……………..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद कई लोगों ने सवाल उठाया कि मई में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कार्रवाई सिर्फ चार दिनों तक ही क्यों चली. आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को लंबे समय से उठ रहे इन सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा, हममें से ज्यादातर यही कह रहे थे कि यह चार दिनों के टेस्ट मैच की तरह ही क्यों समाप्त हो गया?

एआईएमए के 52वें नेशनल मैनेजमेंट कन्वेंशन में मंगलवार को बोलते हुए थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सशस्त्र बल इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि यह संघर्ष कितने दिनों तक चलेगा. हममें से ज्यादातर कह रहे थे कि यह चार दिनों की टेस्ट मैच की तरह ही क्यों समाप्त हो गया.

RELATED POSTS

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

जंतर-मंतर पर पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोल दागे:कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल

लंबे युद्ध लड़ने के लिए जरूरी तीन पहलू
आर्मी चीफ ने आगे समझाया कि युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने के लिए किन बातों की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि इसके तीन पहलू हैं फोर्स विज़ुअलाइज़ेशन, फोर्स प्रोटेक्शन (बल की सुरक्षा), और फोर्स एप्लिकेशन (बल का प्रभावी उपयोग).

थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, जब रूस युद्ध में उतरा था, तब हम हमेशा यही सोचते थे कि यह युद्ध सिर्फ 10 दिनों तक चलेगा. वहीं, जब हमने ईरान‑इराक युद्ध को देखा, तो वह करीब 10 सालों तक चला. लेकिन, ऑपरेशन सिंदूर के समय हमें यह भी नहीं पता था कि यह कितने दिनों तक चलेगा और हममें से ज्यादातर यही कह रहे थे कि यह चार दिनों के टेस्ट मैच की तरह ही क्यों समाप्त हो गया? युद्ध हमेशा अनिश्चित होता है.

रूस-यूक्रेन युद्ध का किया जिक्र
रूस‑यूक्रेन युद्ध में जो फोर्स विज़ुअलाइज़ेशन (बल की योजना/आकलन) किया गया था, उसमें शायद कुछ गलत गणना हुई थी. हमें यह समझना होगा कि सामने वाले के पास कौन‑सी तकनीक उपलब्ध है जिससे वह युद्ध को लंबे समय तक जारी रख सके. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे पास लंबा युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन और तैयारी हो.

उन्होंने आगे आधुनिक युद्ध में डेविड और गोलियथ सिस्टम का जिक्र किया. जिसका मतलब, कम लागत में उच्च तकनीक होता है. उन्होंने कहा, इन सभी युद्धों में हमने देखा है कि डेविड और गोलियथ जैसे हालात में सबसे बड़ा प्रभाव कम लागत वाली लेकिन उन्नत तकनीक का होता है. अगर आपके पास कम लागत में उच्च तकनीक उपलब्ध है तो आप अपने से बड़े और ताकतवर विरोधी को भी मात दे सकते हैं.

प्रोटेक्शन एक अहम पहलू
थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, प्रोटेक्शन एक नया पहलू है, क्योंकि आपको दुश्मन की लगातार हो रही मार झेलने में सक्षम होना चाहिए और उसके बाद बाहर निकलकर जरूरी कार्रवाई कर सकें. इसलिए ये तीनों पहलू बल की योजना, सुरक्षा और उपयोग वही मुख्य बिंदु हैं जिन पर हमें काम करना है.

उन्होंनेआगे कहा, टारगेट लगातार बदलते रहेंगे. अगर मैं किसी हथियार को 100 किलोमीटर तक मार करने लायक बनाना चाहता हूँ, तो कल उसे 300 किलोमीटर तक ले जाना होगा. उन्होंने आगे कहा, यह सिर्फ मेरा मामला नहीं है, सामने वाला भी अपनी तकनीक को बेहतर बना रहा है. जैसे‑जैसे उसकी तकनीक बढ़ रही है, मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि मेरी तकनीकी क्षमता भी उसके प्रभाव को मात देने के लिए तैयार हो. ऐसे में आत्मनिर्भरता बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है.

ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को हुए घातक पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान में कई आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया था. पाकिस्तानी बलों ने जवाबी हमले किए और भारतीय बलों ने भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत पलटवार किया, जिसके चलते यह संघर्ष लगभग चार दिनों तक चला.दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद 10 मई की शाम को सैन्य कार्रवाई रोक दी गई.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

by UB India News
July 26, 2026
0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से भी...

जंतर-मंतर पर पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोल दागे:कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल

जंतर-मंतर पर पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोल दागे:कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल

by UB India News
July 26, 2026
0

NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के खत्‍म होने के आसार फिलहाल...

जेपी मूवमेंट से कितना अलग CJP प्रदर्शन?

जेपी मूवमेंट से कितना अलग CJP प्रदर्शन?

by UB India News
July 25, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब महीने भर से चल रहा काक्रोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब राष्ट्रव्यापी विस्तार ले...

गुजरात में बाढ़ का कहर!

गुजरात में बाढ़ का कहर!

by UB India News
July 25, 2026
0

दक्षिण गुजरात के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रभावित इलाकों...

पेपर लीक और नकलचियों के खिलाफ मोदी कैबिनेट में आज कड़ा प्रस्ताव लाने की तैयारी……….

पेपर लीक और नकलचियों के खिलाफ मोदी कैबिनेट में आज कड़ा प्रस्ताव लाने की तैयारी……….

by UB India News
July 25, 2026
0

पेपर लीक और नकल के खिलाफ मौजूदा कानून को और सख्त करने की तैयारी की जा रही है. सूत्रों के...

Next Post
नेपाल में हिंसा की असली वजह क्या ? नेपाल के हालातों पर भारत की नजर………

नेपाल में हिंसा की असली वजह क्या ? नेपाल के हालातों पर भारत की नजर.........

भारत और अमेरिका के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर खींचतान जारी ,भारत ने कृषि सेक्टर पर टैरिफ कम करने से इनकार किया.

ट्रंप टैरिफ का किस तरह हो मुकाबला ...........

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend