जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने अचानक इस्तीफा देने का ऐलान किया है। जुलाई में हुए संसदीय चुनाव में भारी हार की जिम्मेदारी लेने के लिए उनकी पार्टी की ओर से बढ़ती मांग के बाद रविवार को पद छोड़ने की मंशा जाहिर की।
अक्टूबर में पदभार ग्रहण करने वाले इशिबा ने अपनी ही पार्टी के भीतर अधिकतर दक्षिणपंथी विरोधियों की मांगों को एक महीने से अधिक समय तक नजरंदाज किया। इशिबा का यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी नेतृत्व चुनाव कराने को लेकर एक निर्णय करने वाली है। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह उनके खिलाफ एक प्रकार का अविश्वास प्रस्ताव होगा।
शिगेरु इशिबा ने पीएम पद छोड़ने का फैसला क्यों किया?
68 साल के इशिबा ने पिछले साल अक्टूबर में ही पदभार संभाला था. यानी इस्तीफा देने का मतलब होगा कि वो एक साल भी इस पद पर नहीं टिके. एक साल के अंदर ही उन्होंने देश के दोनों सदनों में बहुमत खो दिया है.
पिछले एक महीने से अधिक समय से उनका अपनी ही पार्टी के भीतर विरोध हो रहा था, विरोध करने वाले ज्यादातर दक्षिणपंथी गुट था. दरअसल जुलाई में, इशिबा के सत्तारूढ़ गठबंधन को करारा झटका लगा था. यह गठबंधन एक महत्वपूर्ण संसदीय चुनाव में 248 सीटों वाले उच्च सदन में बहुमत हासिल करने में विफल रहा, जिससे उनकी सरकार की स्थिरता को और झटका लगा.
इस चुनाव के बाद से ही इशिबा पर यह दबाव बढ़ने लगा कि वह पार्टी के इस खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लें. अबतक इशिबा ने बैकफुट पर जाने से इनकार किया है लेकिन अब लगता है कि वो पीछे हट गए हैं. इशिबा के इस कदम की टाइमिंग भी बड़ी अहम है. एक दिन बाद ही यानी सोमवार को उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यह तय करने वाली है कि जल्द ही नए नेतृत्व के लिए चुनाव कराया जाए या नहीं. अगर पार्टी के इस अंदरूनी चुनाव में नए नेतृत्व की मांग को मंजूरी मिल जाती तो यह एक तरह से इशिबा के खिलाफ एक तरह का अविश्वास प्रस्ताव होता. इस स्थिति में पहुंचने के पहले ही इशिबा कुर्सी खाली करते नजर आ रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार कथित तौर पर जापान के कृषि मंत्री और एक पूर्व प्रधान मंत्री ने शनिवार रात इशिबा से मुलाकात कर उनसे खुद से ही इस्तीफा देने का आग्रह किया. पिछले हफ्ते ही पार्टी के नंबर दो नेता हिरोशी मोरियामा सहित एलडीपी के चार वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफे की पेशकश की थी. इशिबा की सरकार ने पिछले सप्ताह ही अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था.







