सेंसेक्स की टॉप 10 सबसे महंगी कंपनियों में से 7 कंपनियों के मार्केट कैप में पिछले हफ्ते कुल 1,06,250.95 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा फायदा बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। बताते चलें कि पिछले हफ्ते बीएसई का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 901.11 अंक या 1.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 314.15 अंक या 1.28 प्रतिशत के लाभ में रहा।
किन 7 कंपनियों के मार्केट कैप में हुआ इजाफा
इस दौरान बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और LIC के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई और इनके निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू भी बढ़ गया। वहीं दूसरी ओर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर की वैल्यू घट गई, जिसका नुकसान इनके निवेशकों को भी उठाना पड़ा।
बजाज फाइनेंस के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा 37,960.96 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी
सप्ताह के दौरान बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,960.96 करोड़ रुपये बढ़कर 5,83,451.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 23,343.51 करोड़ रुपये बढ़कर 18,59,767.71 करोड़ रुपये हो गया। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 17,580.42 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 14,78,444.32 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एलआईसी का मार्केट कैप 15,559.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,54,607.42 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 4,246.09 करोड़ रुपये बढ़कर 7,44,864.69 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का मार्केट कैप 4,134.02 करोड़ रुपये बढ़कर 10,81,347.25 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 3,426.46 करोड़ रुपये बढ़कर 10,01,717.42 करोड़ रुपये हो गया।
टीसीएस और इंफोसिस को भारी नुकसान
जबकि, टीसीएस का मार्केट कैप 13,007.02 करोड़ रुपये घटकर 11,02,955.89 करोड़ रुपये पर आ गया। इंफोसिस का मार्केट कैप 10,427.47 करोड़ रुपये घटकर 6,00,036.47 करोड़ रुपये हो गया और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 6,296.91 करोड़ रुपये घटकर 6,18,694.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
सोने की कीमत ने लगाई बड़ी छलांग
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने की कीमतों में ₹900 की तेजी देखी गई, जिससे 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,06,970 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह अब तक के रिकॉर्ड उच्च स्तर के बेहद करीब है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, 99.5% शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,06,100 प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले भाव ₹1,05,200 से अधिक था। वहीं, चांदी की कीमत ₹1,25,600 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
तेजी के मुख्य कारण
बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि 16-17 सितंबर को होने वाली अपनी अगली बैठक में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। अमेरिका में हाल ही में जारी हुए रोज़गार के निराशाजनक आंकड़ों के बाद, यह उम्मीद और भी पुख्ता हो गई है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित होते हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि बाज़ारों ने लगभग मान लिया है कि सितंबर में फेड दरों में कटौती करेगा। इससे सोने में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली है।
रुपया भी गिरने से पड़ा फर्क
शुक्रवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे गिरकर ₹88.27 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिका द्वारा भारत पर संभावित अतिरिक्त शुल्क लगाने की चिंताओं ने रुपये को कमजोर किया है। रुपये की इस कमजोरी से सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू बाज़ार में उसकी कीमतें बढ़ जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने में तेजी का रुख रहा। हाजिर सोने का भाव बढ़कर $3,551.44 प्रति औंस तक पहुंच गया, जो इसके $3,578.80 के सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब है।
आगे क्या उम्मीदें?
मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी और करेंसी हेड प्रवीण सिंह ने भविष्य में भी सोने की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि फेड का ध्यान अब महंगाई से हटकर रोजगार बाजार पर केंद्रित हो गया है। अगर अमेरिका की आगामी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट और भी कमज़ोर आती है, तो फेड को दरें घटाने के लिए और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे सोने की कीमतों में और उछाल आ सकता है।






