प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बार स्वतंत्रता दिवस पर अपने कपड़ों और वेशभूषा को लेकर चर्चा में रहते हैं. हर बार पीएम मोदी के साफा बांधने का अंदाज सबसे ज्यादा आकर्षक होता है. साल 2014 से लेकर इस बार 2025 तक पीएम मोदी का अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है.
79वें स्वतंत्रता दिवस पर इस बार पीएम मोदी खास परिधान में नजर आए. अबकी बार पीएम मोदी की पगड़ी का रंग केसरिया है और उन्होंने सफेद कुर्ते के साथ नारंगी रंग की नेहरू जैकेट पहनी है और साथ ही गमछा भी लिया है.
राजघाट से पीएम मोदी का पहला लुक
पीएम मोदी का पहला लुक राजघाट से सामने आया, जहां पहुंचकर उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए और राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की. हमेशा की तरह इस बार भी पीएम मोदी अपने खास अंदाज में पहुंचे और इस दौरान उनका लुक काफी शानदार दिखा.
पीएम मोदी हर इवेंट में अपने लुक को लेकर चर्चा में रहते हैं. जब भी पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला पहुंचते हैं तो उनका लुक काफी अलग रहता है. खासतौर से उनकी पगड़ी का लुक हमेशा चर्चा में रहता है. साल 2024 में आजादी की 78वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी केसरी, हरे और पीले रंग के पगड़ी में नजर आए. इस पगड़ी के साथ उन्होंने सफेद रंग का कुर्ता-पायजामा और नीले रंग की सदरी पहनी.
वहीं, साल 2023 में आजादी की 77वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने पीले और लाल रंग का साफा बांधा था, जिसमें कई रंगों की लकीरें बनी हुई थीं. उनके इस लुक को सफेद रंग के कुर्ते और काले जैकेट ने पूरा किया. राजस्थान में लोग अलग-अलग रंगों के साफा का इस्तेमाल करते हैं.
स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर लाल क़िले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर देश की डेमोग्राफी तक को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने देश को आगाह किया कि भारत के डेमोग्राफी संतुलन को बदलने की एक ‘सोची-समझी साजिश’ चल रही है, जो नेशनल सिक्योरिटी के खतरा हो सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने का ऐलान किया और चेतावनी दी कि भारत के डेमोग्राफी संतुलन को बदलने की एक ‘सोची-समझी साजिश’ चल रही है, जो नेशनल सिक्योरिटी के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है.
पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश को एक चिंता, एक चुनौती के प्रति सचेत करना चाहता हूं. एक सोची-समझी साजिश के तहत, देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है, एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं. घुसपैठिए मेरे देश के युवाओं की आजीविका छीन रहे हैं. घुसपैठिए मेरे देश की बहनों और बेटियों को निशाना बना रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये घुसपैठिए भोले-भाले आदिवासियों को गुमराह करके उनकी ज़मीन हड़प लेते हैं. देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.”
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि जब सीमावर्ती इलाकों की डेमोग्राफी में बदलाव होता है, तो यह नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा पैदा करता है. कोई भी देश इसे घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता इसलिए, मैं कहना चाहता हूं कि हमने एक हाई-पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का फैसला किया है.
‘सुदर्शन चक्र मिशन की लॉन्चिंग…’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करने जा रहा है. ये सुदर्शन चक्र पावरफुल वेपन सिस्टम होगा, जो दुश्मन के हमले को ध्वस्त तो करेगा ही लेकिन साथ ही कई गुना ज्यादा दुश्मन पर हिटबैक भी करेगा. हम सुदर्शन चक्र मिशन को अगले दस साल में प्रखरता से आगे बढ़ाएंगे. इसके तहत 2035 तक देश के सभी महत्वपूर्ण स्थलों को इस राष्ट्रीय सुरक्षा कवच से कवर किया जाएगा. इस सुरक्षा का कवच लगातार विस्तार होता जाएगा. देश का हर नागरिक सुरक्षित महूसस करे. इसके लिए मैं 2035 तक इस राष्ट्रीय सुरक्षा कवच का विस्तार देना चाहता हूं इसलिए श्रीकृष्ण से प्रेरणा पाकर हमने सुदर्शन चक्र की राह को चुना है.”







