कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने पलटवार किया है। राहुल ने बीते दिन चुनाव आयोग पर वोट चोरी और भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इस पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि अगर कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता अपने विश्लेषण पर विश्वास करते हैं और मानते हैं कि चुनाव आयोग पर उनके आरोप सही हैं, तो उन्हें शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर राहुल ऐसा नहीं करते हैं, तो इसका मतलब होगा कि उन्हें अपने विश्लेषण, निष्कर्षों और बेतुके आरोपों पर विश्वास नहीं है। ऐसी स्थिति में उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। इसलिए उनके पास दो विकल्प हैं- या तो घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करें या चुनाव आयोग पर बेतुके आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगें।
कर्नाटक के इस क्षेत्र का स्टडी
राहुल का सबूत
EC से मांगी 10 वर्षों की वोटर लिस्ट और वीडियो रिकॉर्डिंग
चुनाव धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ हल्ला बोल जारी है. इसी मुद्दे पर आज कर्नाटक में कांग्रेस ‘वोट अधिकार रैली’ हो रही है. जिसमें राहुल गांधी ने शिरकत करते हुए फिर से चुनाव आयोग से तीखे सवाल पूछे हैं. ‘वोट अधिकार रैली’ में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमने भारत के संविधान की रक्षा की है. बाबा साहेब अंबेडकर जी, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल की आवाज भारत के संविधान में गूंजती है. बसवना, नारायण गुरु और फुले जी की आवाज भी इसमें गूंजती है.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि हमारे भारत का संविधान हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार देता है. महाराष्ट्र में, INDIA गठबंधन लोकसभा चुनाव जीतता है, लेकिन 4 महीने बाद बीजेपी राज्य में विधानसभा चुनाव जीत जाती है. यह चौंकाने वाला था. हमने पाया कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में एक करोड़ नए मतदाताओं ने मतदान किया. बीजेपी की विचारधारा भारत के संविधान के खिलाफ है, कांग्रेस का हर नेता और कार्यकर्ता इसकी रक्षा करेगा. भारत के चुनाव आयोग को हमें पिछले 10 वर्षों की मतदाता सूचियां और वीडियो रिकॉर्डिंग तुरंत देनी चाहिए.
वोट अधिकार रैली में दिग्गजों की शिरकत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में पार्टी की ‘वोट अधिकार रैली’ में भाग ले रहे हैं. जिसका आयोजन कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में किया जा रहा है. रैली का शीर्षक ‘‘हमारा वोट, हमारा अधिकार, हमारा संघर्ष” है. इस रैली के लिए सुबह से ही फ्रीडम पार्क में भी जुटने लगी थी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल समेत तमाम नेता और पार्टी कार्यकर्ता इस रैली में पहुंचे हैं.







