जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को साबरमती आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गांधी जी की मूर्ति पर खादी की माला चढ़ाई और चरखा भी चलाया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि गांधी जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही सच्ची और प्रासंगिक हैं। उन्होंने X पर लिखा, ‘अहमदाबाद की मेरी यात्रा अब पूरी हुई। साबरमती आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दर्शन कर मैं खुद को गौरवान्वित और विनम्र महसूस कर रहा हूं। उनकी शिक्षाएं आज भी हमें सही रास्ता दिखाती हैं, जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं।’
‘सच्चा लोकतंत्र केंद्र में बैठे 20 लोगों से नहीं चलता’
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने महात्मा गांधी का एक मशहूर कथन भी साझा किया, ‘सच्चा लोकतंत्र केंद्र में बैठे 20 लोगों से नहीं चलता। इसे गांव-गांव के लोगों द्वारा नीचे से चलाना होता है।’ साबरमती आश्रम को, जिसे गांधी आश्रम भी कहते हैं, 1917 में महात्मा गांधी ने अहमदाबाद में स्थापित किया था। उमर अब्दुल्ला बुधवार से गुजरात में हैं, जहां वे एक पर्यटन कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हैं। गुरुवार को उन्होंने नर्मदा जिले में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर बांध का दौरा किया। साथ ही, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर ऑपरेटर्स से बातचीत भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उमर अब्दुल्ला के गुजरात दौरे पर खुशी जताई है। उन्होंने X पर लिखा, ‘कश्मीर से केवड़िया तक! उमर अब्दुल्ला जी का साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ना और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा देखकर अच्छा लगा। उनका यह दौरा एकता का संदेश देता है और देशवासियों को भारत के अलग-अलग हिस्सों की सैर के लिए प्रेरित करेगा।’ उमर अब्दुल्ला का यह दौरा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अहम है, बल्कि यह महात्मा गांधी के विचारों और एकता के संदेश को भी मजबूत करता है।







