बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में लगातार सियासी उलटफेर का दौर शुरू है. बिहार चुनाव से पहले नए-नए समीकरण भी सेट होने लगे हैं. इसी क्रम में बिहार चर्चित यूट्यूबर से राजनेता बने मनीष कश्यप ने बीजेपी छोड़कर अब जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का दामन थाम लिया है. प्रशांत किशोर ने मनीष कश्यप को जन सुराज की सदस्यता दिलाई. मनीष कश्यप ने सोमवार को औपचारिक रूप से जन सुराज में शामिल हो गए. मनीष कश्यप की यह सियासी पारी बिहार की राजनीति में नया समीकरण ला सकती है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता, खासकर युवाओं और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) में, उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है. ऐसे में अब सवाल यह है कि मनीष कश्यप अगर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो कौन से सीट उनकी फेवरेट सीट होगी?
दरअसल मनीष कश्यप ने जून 2025 में एक फेसबुक लाइव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ने की घोषणा की थी. उन्होंने पार्टी में अपनी उपेक्षा का हवाला देते हुए कहा कि वह बीजेपी में रहते हुए जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पाए. इसके बाद उनकी जनसुराज के उपाध्यक्ष वाईवी गिरी और प्रशांत किशोर से मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुईं, जिसने उनके अगले सियासी कदम की अटकलों को हवा दी. 2 जुलाई 2025 को मनीष ने प्रशांत किशोर को भारतीय संविधान भेंट करते हुए जनसुराज में शामिल होने की घोषणा की. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि बिहार में संविधान की रक्षा और इसके मूल्यों की पुनर्स्थापना जनसुराज के साथ ही संभव है”
मनीष कश्यप कहां से लड़ेंगे चुनाव?
बताया जा रहा है कि मनीष कश्यप 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पश्चिम चंपारण जिले की चनपटिया सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. चनपटिया से चुनाव लड़ने का फैसला रणनीतिक है. 2020 में उन्होंने इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और तीसरे स्थान पर रहे थे, जो उनकी स्थानीय लोकप्रियता को दर्शाता है. चनपटिया पश्चिम चंपारण का हिस्सा है, जहां मनीष का युवाओं और EBC समुदायों में मजबूत जनाधार है. जनसुराज पार्टी के साथ उनकी यह नई पारी क्षेत्र में NDA और महागठबंधन के लिए चुनौती पेश कर सकती है. प्रशांत किशोर ने कहा हमारे लिए मनीष कश्यप यू ट्यूबर नहीं बल्कि बिहार के कुव्यवस्था से लड़ने वाले व्यक्ति के रूप में जानता हूं बिहार के समाज में व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई में ये सक्रिय होकर लड़ेंगे ये हमें विश्वास है.
मनीष कश्यप ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम चंपारण से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के हस्तक्षेप के बाद वह पीछे हट गए और बीजेपी में शामिल हो गए. हालांकि, जल्द ही उनका बीजेपी से मोहभंग हो गया. अब जनसुराज के साथ उनकी नई शुरुआत को बिहार की सियासत में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. उनकी यूट्यूबर छवि और जनहित के मुद्दों पर मुखरता उन्हें चनपटिया में एक मजबूत दावेदार बनाती है.







