भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच बिहार के पूर्णिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा संबंधी हाई लेवल मीटिंग संपन्न हो गई. पूर्णिया समाहरणालय सभागार में करीब 40 मिनट तक चली इस बैठक में आईबी के भी दिल्ली से दो अधिकारी भी शामिल हुए. बैठक में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों से बिहार के सीमांचल और सुपौल से लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल और बांग्लादेश की सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों और एयर फोर्स, बीएसएफ, एसएसबी जवानों के बीच तालमेल स्थापित करने का निर्देश दिया. वहीं मुख्यमंत्री ने इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखने को कहा है.
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया में यह बड़ी बैठक की है. सीएम नीतीश ने बैठक के दौरान बॉर्डर इलाकों वाले राज्यों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई निर्देश दिये हैं, जिसके बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इस मीटिंग में एयरफोर्स, बीएसएफ , एसएसबी और रेलवे के अधिकारी के अलावे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी , मंत्री विजय चौधरी, मंत्री लेसी सिंह, डीजीपी, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव दीपक कुमार ,विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत के अलावा कई बड़े अधिकारी मौजूद थे.
दरअसल बिहार में 7 जिले ऐसे हैं जो नेपाल के साथ सीमा साझा करते हैं. ऐसे में सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों से जानकारी लेकर नेपाल से लगे पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में बार्डर पर गश्ती बढ़ाने और सुरक्षा-बलों की अतिरिक्त तैनाती का आदेश दिया है. बता दें, भारत और नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर लंबी सीमा है जिसमें बिहार की नेपाल के साथ 729 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है.
वहीं, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम भी नेपाल के साथ सीमा साझा करते हैं. भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण सुरक्षा चुनौतियां हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी भी तरह की सुरक्षा में गोकोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. इसलिए सीएम नीतीश कुमार ने सीमांचल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.







