पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। रमजान के पवित्र महीने के बाद यह खुशी का दिन आया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी प्रदेशवासियों को ईद की बधाई दी है। उन्होंने पटना के गांधी मैदान में जाकर लोगों को मुबारकबाद दी और सबके साथ मिलकर ईद मनाई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘ईद के मौके पर प्रदेश एवं देशवासियों को तथा विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। खुदा इस मुबारक दिन पर हम सब पर अपनी रहमतों की बारिश करें और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि आए।’ नीतीश कुमार गांधी मैदान में पारंपरिक टोपी पहने हुए थे। उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईद का दिन इनाम का दिन है। खुदा इस मुबारक मौके पर अपने नेक बंदों को इनाम से नवाजते हैं। मेरी दुआ है कि खुदा हम सब पर अपनी रहमतों की बारिश करे और हमारा जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरा रहे। इसके साथ ही सीएम ने भारत की सांस्कृतिक एकता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत एक महान देश है, जहां विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के बीच प्रेम, सौहार्द्र और सहिष्णुता अनुकरणीय है। यहां सभी लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शिरकत करते हैं और आपसी सम्मान के साथ खुशियां बांटते हैं। यही हमारी ताकत है, जो प्रदेश और देश को मजबूत बनाती है।
लालू-तेजस्वी ने भी दी ईद की बधाई
राष्ट्रीय जनता दल(RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बिहार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी ईद की शुभकामनाएं दी है. तेजस्वी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि ईद मुबारक, इस मुबारक दिन गुज़ारिश है कि देश-प्रदेश में हमेशा अमन-चैन, भाईचारा कायम रहे. ईद का दिन ईनाम का दिन है. खुदा हम सब पर रहमतों की बारिश करें तथा सभी का जीवन सुख, शांति, समृद्धि और संपन्नता से परिपूर्ण हो. मुल्क में ख़ुशहाली, भाईचारगी, तरक़्क़ी और इंसानियत की बुलंदी हो, परवरदिगार हम सबों को ज़रूरतमंदों का मददगार बनाये, इन्हीं दुआओं के साथ ख़ुदा हमारी तमाम इबादतों को क़ुबूल फ़रमाए.
ईद के मौके पर प्रदेश एवं देशवासियों को तथा विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। खुदा इस मुबारक दिन पर हम सब पर अपनी रहमतों की बारिश करें और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि आए।
बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी ईद की शुभकामनाएं दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि समस्त प्रदेशवासियों को आपसी भाईचारा और सौहार्द का प्रतीक ईद -उल-फितर की बहुत-बहुत मुबारकबाद. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक पर पोस्ट कर ईद की बधाई दी है.
किशनगंज में प्रशांत किशोर, ईद की नमाज में पहुंचे
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने किशनगंज में ईद मनाई। इस मौके पर वो नमाजियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि ‘सीमांचल में ईद के अवसर पर किशनगंज से बेहतर कोई जगह नहीं है।’
वहीं अमित शाह के दौरे पर कहां कि ‘वो चुनाव को लेकर आए है, हम ईद को लेकर आए हैं।’

काली पट्टी लगाकर वक्फ बिल का विरोध बिहार के भागलपुर, नालंदा समेत कई जगहों पर हाथ में काली पट्टी लगाकर ईद की नमाज अदा की गई। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर काली पट्टी बांध वक़्फ़ संशोधन बिल का विरोध जताया। बीते शुक्रवार को अलविदा जुमा पर भी काली पट्टी बांध कर विरोध जताया गया था। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि वक्फ की संपत्ति है ये उनके बाप दादाओं की है इसपर सरकार को कब्ज़ा करने नहीं देंगे। वहीं भागलपुर से विधायक अजित शर्मा ने भी वक़्फ़ संशोधन विधेयक का विरोध करते कहा कि यह बिल कभी पास नहीं होने दिया जाएगा हमलोग भी इसके विरोध में हैं सरकार को इसपर सोचना होगा।
ईद पर जेडीयू के एमएलसी पहुंचे राबड़ी आवास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस सोमवार (31 मार्च, 2025) को अचानक राबड़ी आवास पहुंच गए. गुलाम गौस जो हैं वो सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं. राबड़ी आवास में गुलाम गौस ने लालू यादव से मुलाकात की जिसके बाद सियासी हलचल शुरू हो गई है.
राबड़ी आवास से निकलने के बाद गुलाम गौस ने मीडिया से कहा कि हम सबसे मिलते रहते हैं. ईद आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है. होली हो या दशहरा हो हम लोग मिलजुलकर त्योहार मनाते आए हैं. उन्होंने कहा कि लालू यादव से उनकी मुलाकात हुई है. एक महीना जो लोग रोजा रखते हैं वो केवल भूखे रहने का रोजा नहीं है. अपने नब्ज पर, इंद्रियों पर नियंत्रण करना रोजा का नाम है. इस को जिहाद कहा जाता है. आज कल लोग जिहाद का अलग अर्थ निकालते हैं.
‘हम लोग जेपी आंदोलन से निकले’
आगे जेडीयू एमएलसी ने कहा, “इस्लाम जो है वो सारी दुनिया के लिए आया था. हिंदू मुस्लिम सब भाई के लिए. इस्लाम का मतलब अमन चैन होता है. हम लोग जेपी आंदोलन से निकले हुए हैं. एक ही परिवार से पैदा हुए हैं. डॉक्टर लोहिया कहते थे कि राजनीति में मतभेद हो सकता है मनभेद नहीं होना चाहिए. सब लोग मिलते जुलते रहे हैं.”







