राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद में अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों को अस्वीकार्य बताते हुए शुक्रवार को कहा कि ये ”खराब स्वाद वाली” और “दुर्भाग्यपूर्ण” थी। इससे पद की गरिमा को ठेस पहुंची है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि ये नेता हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और विमर्श से वाकिफ नहीं हों, इसलिए इस तरह की गलत धारणा बना ली। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘किसी भी मामले में, ऐसी टिप्पणियां गलत, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य हैं।’’
संसद में माननीय राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं ने ऐसी टिप्पणियां कीं, जो स्पष्ट रूप से उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, और इसलिए अस्वीकार्य हैं। इन नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति अंत तक बहुत थक गई थीं और वह मुश्किल से बोल पा रही थीं।
राष्ट्रपति भवन यह स्पष्ट करना चाहता है कि सच्चाई से अधिक महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं हो सकता। राष्ट्रपति किसी भी समय थकी हुई नहीं थीं। दरअसल, उनका विश्वास है कि हाशिये पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए बोलना, जैसा कि वह अपने संबोधन के दौरान कर रही थीं, कभी भी थकाने वाला नहीं हो सकता। राष्ट्रपति कार्यालय का मानना है कि ऐसा हो सकता है कि ये नेता हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और संभाषण से परिचित नहीं हैं, और इस तरह उन्होंने गलत धारणा बनाई। किसी भी विषय में, ऐसी टिप्पणियां खराब, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य हैं।







