आज गाजा में खुशियों की लहर है. 470 दिनों से आसमान और जमीन पर आफत बरसा रही इजरायल की सेना उनको राहत दी है. दोनों पक्षों में युद्धविराम पर सहमती हुई थी. स्थानीय समय के अनुसार, सुबह के साढ़े आठ बजे युद्धविराम लागू होने वाला था, लेकिन हमास ने इजरायली बंधकों की लिस्ट जारी नहीं की, तो इसपर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजेमिन नेतन्याहू भड़क गए. उन्होंने परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली. उन्होंने कहा कि जब तक वे लिस्ट नहीं जारी करते हैं तब तक युद्धविराम नहीं लागू होगा.
इससे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को अभी भी हमास की तरफ से रविवार को रिहा किए जाने वाले बंधकों की लिस्ट नहीं आई है. इस वजह से संघर्ष विराम की शुरुआत में देरी होगी. द टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक पीएम नेतन्याहू ने ‘आईडीएफ को निर्देश दिया कि युद्ध विराम, जो सुबह 8:30 बजे प्रभावी होने वाला था. तब तक शुरू नहीं होगा, जब तक कि इजरायल को रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची नहीं मिल जाती, जिसे हमास ने उपलब्ध कराने का वादा किया है.’
पहले चरण
इस सहमति के पहले चरण में हमास तीन बंधक रिहा करने वाला था, जबकि इजरायल 95 को रिहा करता. हमास को शनिवार दोपहर तक उनके नाम उपलब्ध कराने थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इसके वजह से आज संधर्ष विराम लागू नहीं हो पाया. आईडीएफ प्रवक्ता रियर डैनियल हगारी ने बताया, ‘सेना गाजा पट्टी में हमले जारी रखे हुए है, क्योंकि हमास युद्ध विराम समझौते का पालन नहीं कर रहा है.’
पीएम का आदेश है
आईडीएफ ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुसार, जब तक हमास अपने दायित्वों को पूरा नहीं करता है, तब तक युद्ध विराम प्रभावी नहीं होगा. आईडीएफ गाजा में हमले जारी रखे रहेगा, जब तक हमास समझौते के लिए अपने दायित्वों को पूरा नहीं करता है.’ आईडीएफ के मुताबिक कुछ समय पहले उसने उत्तरी और मध्य गाजा में हमास के ठिकानों पर तोपखाने से गोलाबारी और कई ड्रोन हमले किए.
आज लागू होने वाला था युद्ध विराम
इससे पहले शनिवार को मध्यस्थ कतर के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, ‘दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर…, गाजा पट्टी में संघर्ष विराम रविवार को सुबह 8:30 बजे (06:30 GMT) शुरू होगा. हम अपने भाइयों को सावधानी बरतने, अत्यधिक सावधानी बरतने और आधिकारिक स्रोतों से निर्देशों की प्रतीक्षा करने की सलाह देते हैं.’
नेतन्याहू के मंत्री समझौते के विरोध में दिया इस्तीफा
इजराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने गाजा युद्धविराम समझौते के विरोध में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. वहां इस सीजफायर के विरोध में थे. शुक्रवार को सुरक्षा कैबिनेट में समझौते को लेकर हो रही बैठक के दौरान भी उन्होंने इसके विरोध में वोट किया था.
नेतन्याहू क्यों कर रहे समझौता तोड़ने का इशारा?
युद्ध विराम समझौते के प्रभावी होने से कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को अभी भी उन बंधकों के नामों की सूची नहीं मिली है जिन्हें हमास रिहा करने वाला है, जिससे समझौता रुक सकता है. नेतन्याहू ने अपने ऑफिस की ओर से जारी एक बयान में कहा, “जब तक हमें रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची नहीं मिल जाती, तब तक हम इस रूपरेखा के साथ आगे नहीं बढ़ेंगे. इजरायल समझौते के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा. अब गेंद हमास के पाले में है.”
टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, इजरायल और हमास के बीच हुए समझौते में कहा गया है कि हमास को बंधकों के नाम उनकी रिहाई से कम से कम 24 घंटे पहले उपलब्ध कराने होंगे. ये वक्त स्थानीय समय के मुताबिक शाम 4 बजे होना चाहिए था, लेकिन इजरायली पीएम ने कहा है कि अब तक बंधकों की सूची नहीं दी गई है.
इजरायली पीएमओ ने कहा है कि कुछ ही देर में पीएम बेंजामिन नेतन्याहू बयान जारी करने वाले हैं. नेतन्याहू ने पिछले महीने प्रोस्टेट सर्जरी के बाद कोई सार्वजनिक भाषण नहीं दिया है. इस बीच अगवा किए गए बंधकों के परिवार वालों ने पीएम नेतन्याहू से सार्वजनिक संबोधन करने की बात कही थी और कहा था कि वो ऐलान करें कि जंग खत्म हो रहा है.
इजरायली सेना बंधकों के बंदोबस्त में जुटी
इजरायली सेना बंधकों की संभावित रिहाई को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. आईडीएफ का कहना है कि उसने सीजफायर समझौते में गाजा पट्टी से हमास की ओर से रिहा किए जाने वाले बंधकों को रिसीव करने के लिए अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. सेना ने गाजा सीमा के पास तीन कैंप स्थापित किए हैं. ये कैंप रीम बेस, केरेम शालोम क्रॉसिंग और एरेज़ क्रॉसिंग पर तैयार किए गए हैं, जहां बंधक डॉक्टरों, मनोवैज्ञानिकों और मानसिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित आईडीएफ प्रतिनिधियों से मिलेंगे और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जाएगा.







