प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील में जी20 समिट की बैठक के बाद बुधवार सुबह कैरेबियाई देश गुयाना पहुंच गए हैं। राजधानी जॉर्जटाउन में गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान और प्रधानमंत्री एंटनी फिलिप्स प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे। उनके साथ करीब एक दर्जन कैबिनेट मिनिस्टर्स ने भी PM मोदी का स्वागत किया। एयरपोर्ट पर ही उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
गुयाना में PM मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरुस्कार ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सिलेंस’ से सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा बारबाडोस भी उन्हें ‘ऑनररी अवॉर्ड ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ से सम्मानित करेगा। इससे पहले कैरेबियाई देश डोमिनिका भी PM मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान ‘डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ देने का ऐलान कर चुका है। PM को यह अवॉर्ड भी गुयाना में ही मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुयाना यात्रा का एक वीडियो सामने आया है. इसे न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया. इसमें दिख रहा है कि पीएम मोदी एक बच्चे से बहुत ही प्यार से मिल रहे हैं. बच्चे ने सफेद कुर्ता के ऊपर भगवा बंडी पहन रखी है. उसके सिर पर एक पगड़ी है जो तिरंगा के कलर की है. बच्चे का हाथ पकड़कर मोदी उसे दुलारते दिख रहे हैं. इसके बाद वे आगे बढ़ते हैं और वहां मौजूद लोगों से मिलते हैं.
भीड़ में कई लोग प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लिए खड़े वीडियो में दिख रहे हैं. इन्हें वे निराश नहीं करते. पेन निकालकर वे इसपर ऑटोग्राफ दे देते हैं. लोगों से मुलाकात के बाद जब वे आगे बढ़ते हैं तो उनका स्वागत भारतीय नृत्य से किया जाता है. नृत्य को देखकर पीएम मोदी तारीफ करते हैं.
भारतीय प्रधानमंत्री की इस यात्रा का दोनों देशों के लिए खास महत्व है. 50 साल से अधिक समय के बाद पहली बार कोई भारतीय पीएम यहां पहुंचा. गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली और एक दर्जन से अधिक कैबिनेट मंत्रियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मोदी, राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर गुयाना की यात्रा पर पहुंचे हैं. वह 21 नवंबर तक यहां रहेंगे.
पीएम मोदी के गुयाना यात्रा का क्या है कार्यक्रम
अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति अली से मुलाकात करेंगे. दोनों देशों के बीच अनूठे संबंधों को रणनीतिक दिशा देने पर विचार विमर्श करेंगे. वह गुयाना की संसद को भी संबोधित करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार गुयाना में भारतीय मूल के लगभग 3,20,000 लोग हैं. पीएम मोदी दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.
भेंट की गई जॉर्जटाउन की ‘चाभी’
प्रधानमंत्री मोदी को भारत-गुयाना के घनिष्ठ संबंधों के प्रमाण के रूप में जॉर्जटाउन शहर की चाबी भी सौंपी गई। मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर गुयाना की यात्रा पर आए हैं और वह 21 नवंबर तक यहां रहेंगे। अपनी यात्रा के दौरान मोदी राष्ट्रपति अली से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच अनूठे संबंधों को रणनीतिक दिशा देने पर विचार विमर्श करेंगे। वह 185 वर्ष से भी अधिक समय पहले यहां आए प्रवासी भारतीयों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा गुयाना की संसद को भी संबोधित करेंगे।
गुयाना के जॉर्जटाउन स्थित एक होटल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी
गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने गुयाना के 4 मंत्रियों, ग्रेनेडा के प्रधानमंत्री और बारबाडोस के प्रधानमंत्री के साथ गुयाना के जॉर्जटाउन स्थित एक होटल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी की।
राष्ट्रपति और एक दर्जन से अधिक कैबिनेट मंत्रियों ने स्वागत किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 56 वर्षों में गुयाना की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली और एक दर्जन से अधिक कैबिनेट मंत्रियों ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुयाना के जॉर्जटाउन में औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और गुयाना की संसद की विशेष बैठक को संबोधित करेंगे। वे दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के लिए कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं के साथ भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी 56 साल में गुयाना पहुंचने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री; पूरी कैबिनेट स्वागत करने आई
अपने सफल ब्राजील दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19-20 नवंबर की दरम्यानी रात गुयाना रवाना हो गए। 56 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। पीएम मोदी तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में बृहस्पतिवार को गुयाना पहुंचेंगे। गुयाना में भारत के उच्चायुक्त अमित एस तेलंग ने कहा, यह यात्रा गहरी दोस्ती, आपसी विश्वास और उस सहयोग की प्रतीक है। 56 वर्षों बाद किसी भारतीय पीएम की इस दक्षिण अमेरिकी देश में पहली यात्रा होगी। इससे पहले इंदिरा गांधी ने गुयाना की यात्रा की थी।
रियो डी जेनेरियो में जी-20 देशों के सम्मेलन में क्या हुआ
इससे पहले जी-20 शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने पूरी भू-राजनीति को प्रभावित कर रहे वैश्विक संघर्षों को रोकने पर जोर भले ही दिया, लेकिन इसके लिए प्रयासों को लेकर किसी ठोस योजना पर सहमति नहीं बन पाई। जी-20 नेताओं ने खासे विमर्श के बाद जारी साझा बयान में भूख व गरीबी के खिलाफ मिलकर लड़ने, युद्धग्रस्त गाजा को अधिक सहायता देने और पश्चिम एशिया व यूक्रेन में शीघ्र जंग रोकने का आह्वान किया। साझा बयान में किसी को जिम्मेदार ठहराए बिना संघर्षों की निंदा की गई है। गाजा में भयावह मानवीय हालात का जिक्र करते हुए मदद के लिए कदम उठाने पर जोर दिया गया। शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को जी-20 नेताओं की बैठक का एजेंडा जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित रहा। मेजबान ब्राजीलियाई राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने अपने प्रस्ताव में आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, जी-20 देशों को उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों पर तत्काल अमल करना आवश्यक है, क्योंकि 80 फीसदी ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के लिए इसके सदस्य देश ही जिम्मेदार हैं।
भारत की दक्षता से मिली प्रेरणा : दा सिल्वा
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान नई दिल्ली में जी-20 के सफल आयोजन को लेकर पीएम मोदी की सराहना की। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति लूला ने बताया कि उन्होंने बहुत-सी ऐसी चीजें दोहराने की कोशिश की, जो भारत में हुए शिखर सम्मेलन से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, हमने भारत के निर्णयों को आगे बढ़ाया। ब्राजील उसी स्तर की दक्षता से सम्मेलन करना चाहता था, जैसा भारत ने किया था।
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