नासा के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) गईं सुनीता विलियम्स वहां फंस गई हैं. उन्हें धरती पर लौटने में अभी कुछ और वक्त लग सकता है. वह अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर स्पेस स्टेशन गई थीं. हालांकि नासा को उनके लौटने का प्लान तीसरी बार टालना पड़ा है. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि भारतीय मूल की सुनीता और बुच वहीं ‘फंस सकते हैं.’
दरअसल बोइंग की यह मिशन शुरुआत में मुश्किलों में फंसता रहा है और कई बार इसकी उड़ान टालनी पड़ी थी. आखिरकार 6 जून, 2024 को यह अंतरराष्ट्रीय स्पेश स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंच पाया. हालांकि अब इसके सफर में एक और बाधा आ गई है.
बोइंग ने स्पेस कैप्सूल ने दिया धोखा
उधर बोइंग ने एक बयान में कहा कि स्पेस कैप्सूल में थ्रस्टर फेलियर और लीक वॉल्व जैसी कुछ तकनीकी समस्याएं आ गई थीं और इसे ठीक करने के लिए ही विलियम्स और बुच की वापसी टालनी पड़ी है.
कल्पना चावला की याद ने बढ़ाई सिहरन
सुनीता विलियम्स के इस अंतरिक्ष यात्रा में आ रही इन अड़चनों ने सिहरन बढ़ा दी है. कई लोग तो भारतीय मूल की एक और अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की याद दिला रहे हैं, जो इसी तरह ISS से लौटते समय हादसे का शिकार हो गई थीं और उनकी मौत हो गई थी.
नासा को भी इस खतरे का एहसास है और यही वजह है कि वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहता. शुरुआत में बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स को ISS पर नौ दिन रुककर 15 जून तक पृथ्वी पर वापस लौटना था. हालांकि NASA ने उनकी वापसी की डेट तीन बार बढ़ा दी और अब यह साफ नहीं कि ये दोनों अंतरिक्ष यात्री कब वापस लौट सकेंगे.
नासा ले सकती है मस्क की मदद
वहीं ब्रिटिश टैबलॉयड डेलीमेल ने एक्सपर्ट्स से बातचीत के हवाले से बताया कि नासा को उन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए नया रॉकेट भेजने के लिए मजबूर किया जा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मिशन को पूरा करने के लिए एलन मस्क के स्पेसएक्स की मदद ली जा सकती है.
अखबार के मुताबिक, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर कात्सुओ कुराबायशी ने कहा, ‘स्टारलाइनर की मौजूदा हालत को देखते हुए यह संभव है कि नासा अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित घर लाने के लिए स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन जैसे अंतरिक्ष यान का उपयोग करने का फैसला ले.’
इसके साथ ही उन्होंने सुनीता विलियम्स और बुच की सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए कहा, ‘जहां तक मैं इस समय बता सकता हूं, मिशन को जुलाई तक टालने से कोई गंभीर चिंता पैदा नहीं होनी चाहिए. उधर नासा ने भी उम्मीद जताई है कि जुलाई की शुरुआत से पहले दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस धरती पर लाया जा सकेगा.







