उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज रह चुकी बहुजन समाज पार्टी भी अब लोकसभा चुनाव में गठबंधन के ताने-बाने बुनने लगी है. यूपी की पूर्व सीएम मायावती की पार्टी ने दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (BRS) के साथ गठबंधन कर लिया है. आगामी लोकसभा चुनाव के लिए हुए इस गठबंधन का ऐलान खुद केसीआर ने किया है.
बसपा के तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष आरएस प्रवीण कुमार के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व सीएम केसीआर ने कहा कि हमने तय किया है कि अगला संसदीय चुनाव बीआरएस और बीएसपी साथ मिलकर लड़ेंगे. यह फैसला तब लिया गया जब एक दिन पहले ही बीआरएस ने चार सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है.
‘कल तय करेंगे कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है’
KCR ने कहा कि दोनों दलों का गठबंधन काफी कारगर होने वाला है. उन्होंने कहा, “हमने कई पहलुओं पर साथ मिलकर काम किया है. हम कल (बुधवार, 6 मार्च ) तय करेंगे कि कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है. उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक मायावती से बात नहीं हुई है. अभी सिर्फ आरएस प्रवीण कुमार से बात हुई है.
‘तेलंगाना का कायाकल्प करेंगे’
तेलंगाना के बसपा प्रदेश अध्यक्ष आरएस प्रवीण ने PM नरेंद्र मोदी और केंद्र की BJP सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में संविधान को खत्म करने की साजिश हो रही है. हमारी (BSP-BRS) दोस्ती तेलंगाना को पूरी तरह से बदल देगी. उन्होंने कहा कि केसीआर से मिलकर अच्छा लगा. हम लोग एक साथ लोकसभा चुनाव में जा रहे हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में मायावती को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया में शामिल होने का न्योता कांग्रेस कई बार दे चुकी है. पार्टी ने कहा है कि यह मायावती को फैसला लेना है कि वह लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेंगी या विपक्षी दलों के साथ मिलकर. उनके लिए दरवाज़े हमेशा खुले हुए हैं. हालाकि मायावती ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया था. हालांकि राहुल गांधी की उत्तर प्रदेश में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान BSP से निष्कासित सांसद दानिश अली शामिल हुए थे.







