पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित होंगे. इसके तुरंत बाद यानी अगले ही दिन 4 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो जाएगा. खास बात यह है कि ये सत्र पूरे 19 दिन के लिए आयोजित किया जा रहा है. यानी 22 दिसंबर तक इस बार संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित होगा. बताया जा रहा है कि इस दौरान 15 से ज्यादा बैठकें हो सकती हैं. सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर अहम जानकारी साझा की है.
2 दिसंबर भी है खास
संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले 2 दिसंबर का दिन भी काफी अहम है. दरअसल इस दिन सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. यानी सभी राजनीतिक दलों को न्योता दिया गया है और सत्र के दौरान होने वाले मुद्दों से लेकर अन्य बातों पर विस्तार से चर्चा होगी. इस दौरान संसद सत्र का एजेंडा भी डिस्कस होगा. विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर से चर्चा की जाएगी.
बता दें कि आम तौर पर सर्वदलीय बैठक सत्र शुरू होने के ठीक एक दिन पहले बुलाई जाती है. लेकिन इस बार 3 दिसंबर को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे लिहाजा इस बार सर्वदलीय बैठक का एक दिन पहले यानी 2 दिसंबर को होगी. बैठक का वक्त सुबह 11 बजे रखा गया है.
तुरंत सत्र से क्या फायदा
दरअसल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद विधेयकों को लेकर सरकार को मुश्किल आ सकती है, क्योंकि राज्यसभा में स्थिति में बदलाव हो सकता है. यही वजह है कि नतीजों के बाद जब तक सरकार बनेगी तब तक केंद्र सरकार अहम विधेयकों को पारित करा चुकी होगी.
क्या बोले संसदीय कार्य मंत्री
संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी की मानें तो इस बार संसद का शीतकालीन सत्र 4 से 22 दिसंबर तक यानी 19 दिन के लिए आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान 15 बैठकें भी होंगी. इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी कि ‘मैं अमृत काल के बीच सत्र के दौरान विधायी कामकाज और अन्य विषयों पर चर्चा का इंतजार कर रहा हूं.’







