चैनल के एंकर ने कहा कि सब से पहले चुनाव के रिजल्ट उसी के चैनल पर होंगे। उस चैनल का एंकर बोला–सबसे पहले चुनाव ही उसी के चैनल पर होंगे। चुनाव से पहले ही चुनाव वह चैनल करवा सकता है। सबसे पहले करना उसकी फितरत है‚आदत है।
रिपोर्टर ने एंकर से पूछा–पर सर चुनाव तो अभी पूरे हुए ही नहीं तो हम पहले कैसे बता सकते हैं। एंकर ने ज्ञान दिया–अब होने को तो भानगढ़ के किले में भूत भी न हुए पर हमने सबसे पहले बताये न। कुछ हो‚ तब ही बताना जरूरी न है। हम टीवी वाले हैं पहले ही बता सकते हैं। बल्कि कई बार तो बिना हुए भी बता सकते हैं और सच तो यह है कि अधिकांश बार हमें पता ही न होता कि हुआ क्या है‚ पर हम पक्के विश्वास के साथ बताते हैं कि हुआ क्या है। दरअसल‚ जब हमें कुछ ना पता हो कि हुआ क्या है‚ हम बहुत जोरदार तरीके से बता सकते हैं कि हुआ क्या है
। चुनाव के बाद बताया तो क्या बताया। चुनाव से पहले ही बता मारना चाहिए कि क्या होगा चुनाव में। अगर बताया हुआ बाद में गलत निकल गया तो। अरे पब्लिक की मेमोरी पर पूरा भरोसा होना चाहिए कि वह कुछ भी याद न रखती। उस टीवी सीरियल की स्टोरी याद रखने में ही पब्लिक की मेमोरी खलास होने लगती है‚ जिसमें यह कन्फ्यूजन रहता है कि अंजना का दूसरा प्रेमी डॉली का चौथा पति है या पांचवां बॉयफ्रेंड़। बहुत दबाव है पब्लिक की मेमोरी पर। सो पब्लिक कुछ न याद रखती। ओपिनियन पोल‚ एक्जिट पोल‚ ये पोल‚ वो पोल‚ पोलमपोल‚ ढोल में पोल‚ पोल में पोल–सब कुछ शुरू होने वाला है टीवी चैनलों पर। एंकरों में ऐसा उत्साह है‚ जैसा उत्साह कोई मेला लगते वक्त चाट पकौड़ी की दुकान वालों में होता है। खूब बिकेंगी पकौडि़यां‚ मेले में हर तरह की बिक जाती है पकौड़ी भी और खबर भी। यूं पकौड़ी दो चार दिन में बेकार हो जाती है‚ पर खबर तो सालों साल चलती जाती है‚ भानगढ़ के भूत की तरह। चुनाव भी भानगढ़ के भूत हो लिये हैं‚ जाते ही नहीं हैं‚ कहीं–ना–कहीं चल ही रहे होते हैं।
बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत……..
हसन महमूद और मेहदी हसन मिराज की घातक गेंदबाजी से बांग्लादेश ने पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट...







