स्टार सोनाली फोगाट की मृत्यु कैसे हुई‚ इसकी खबरें मीडिया में छाई हुई हैं। पहले पहल उनकी मृत्यु का कारण दिल के दौरे को बताया गया। लेकिन बाद में उनके भाई ने कहा कि सोनाली की मृत्यु दिल के दौरे से नहीं हुई‚ उनकी हत्या की गई है। उन्होंने सोनाली के संपर्क में रहने वाले दो लोगों का नाम भी लगाया कि वे उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। बाद में ऐसे वीडियो भी सामने आए‚ जिनमें उन्हें कुछ पिलाया जा रहा है। ग्लैमर की दुनिया की यह कैसी भयावहता है कि जो लोग आम पाठक या दर्शक को बहुत आकर्षित करती है‚ जिनके लाखों फॉलोअर्स होते हैं‚ लाखों लाइक्स और हिटस मिलते हैं‚ जिनकी रातों रात की सफलता चौंकाती भी है‚ वे इस तरह कैसे धोखे के जाल में फंसते हैं कि जान चली जाती है या खुद जान दे देते हैं। पिछले ही कुछ सालों में तमाम नामीगिरामी लोग जान दे चुके हैं। लड़कियां और लड़के दोनों। अभिनेत्री जिया खान ने जब आत्महत्या कर ली थी‚ तब उनकी मां ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया था। उन्होंने इसे हत्या बताया था। टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि चमक–दमक की यह दुनिया काले (अर्थात अपराधियों) लोगों और उनके काले कारनामों से भरी हुई है। ऐसे मामले पहले तो सामने नहीं आ पाते‚ यदि आते भी हैं‚ तो उन्हें बचाने के लिए तमाम प्रभावशाली लोग इकट्ठे हो जाते हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु को भी आत्महत्या कहा गया था। अनेक माडल्स‚ अभिनेत्रियां डिप्रेशन को झेलते हुए‚ काम न मिल पाने के कारण‚ ग्लैमर की दुनिया में अपनी जगह बनाने में असफल रहने और इस निराशा को न झेल पाने के कारण‚ ऐसे कदम उठाती रही हैं। कुछ दिन तक तो इनकी चर्चा होती है‚ बाद में सब भूल जाते हैं‚ फिर से कोई नई घटना घट जाती है।
यह भी सच है कि सफल होते ही आप अपनी प्रशंसा सुनने के इतने आदी हो जाते हैं कि उस नशे के आगे सब कुछ फीका लगता है। यह नशा सिर चढ़कर बोलता है। ऐसे में यह निर्णय करना भी बहुत मुश्किल हो जाता है कि क्या सही है‚ क्या गलत। जो लोग आपके आसपास हैं‚ उनमें कौन मित्र है और कौन शत्रु। सोनाली की हत्या का आरोप जिन दो लोगों पर लगाया जा रहा है‚ वे बिल्कुल उसके आसपास के लोग ही तो थे। वैसे ऐसा भी कैसे होता है कि दुनिया को दिखाने के लिए ये महिलाएं खुद को बहुत आत्मविश्वास से भरी दिखाती हैं‚ अपने को तमाम बाधाओं से लड़ते हुए एक सशक्त महिला की तरह पेश करती हैं‚ मगर अंदरूनी कहानी कुछ और ही होती है। जीवन में ये कितनी कमजोर होती हैं कि कभी जान दे देती हैं‚ कभी इनकी जान ले ली जाती है। दोनों ही तरह से अपनी जान गंवा देती हैं। इसके अलावा सफलता आखिर अपने साथ तरह–तरह के नशे की लत भी लाती है। बहुत से लोग कहते हैं कि तमाम तरह की ड्रग्स इन दिनों नया नार्मल है। शराब तो स्वयं सरकारें ही बेचती हैं। वे लोगों के जीवन से ज्यादा इससे प्राप्त होने वाली आय पर ध्यान देती हैं। जबकि आए दिन रात–दिन शराब के नशे में चूर आदमी अपने घर की महिलाओं को तरह–तरह से सताते हैं। हालांकि अब यह भी सच है कि औरतें भी नशे के मामले में पीछे नहीं रही। क्योंकि यदि आप नशा नहीं करते‚ तो पिछड़े हुए माने जा सकते हैं। आप हाई सोसाइटी में बैठने और बहुराष्ट्रीय निगमों में काम करने लायक नहीं। सोनाली की मौत की जांच चल रही है। कल को सच सामने भी आ सकता है। लेकिन ऐसा कैसे हो कि अब इस तरह किसी की जान न जाए।







