राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने जारी बयान में कहा कि जदयू राष्ट्रीय परिषद ने नीतीश कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के ऐसे मिशन इंपासिबल में लगाने का फैसला किया, जिसमें ममता बनर्जी, शरद पवार और केसीआर पहले ही विफल हो चुके हैं। इस चक्कर में सीएम की उनकी कुर्सी जाएगी और पीएम तो कभी बन नहीं पाएंगे। सुशील मोदी ने कहा कि जदयू एक गरीब के बेटे को शीर्ष पद से हटाकर फिर देश को 30 साल पीछे राजनीतिक अस्थिरता के दौर में ले जाना चाहता है।
चांद तक सीढ़ी लगाने जैसे दावे कर रहे नीतीश कुमार
उन्होंने कहा कि जो पार्टी अपनी सरकार वाले राज्य में मुश्किल से लोकसभा की दो सीट जीत पाई हो और अब आंतरिक विघटन के कगार पर हो, उसके नेता 300 से ज्यादा सीटें जीतने की सफलता दोहराने वाली भाजपा को 50 सीटों पर समेटने का दंभ भर रहे हैं। नीतीश कुमार चांद तक सीढ़ी लगाने जैसे दावे कर रहे हैं। कहा कि जदयू ने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की कि जिस दल का प्रथम परिवार नौकरी के बदले जमीन घोटाला और मॉल-मिट्टी घोटाला सहित कई मामलों में बेल पर है, उस दल से नीतीश कुमार ने क्यों हाथ मिलाया ?
राहुल गांधी को प्रमोट करने का असफल प्रयास
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दिल्ली के राम लीला मैदान में आयोजित महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की हल्ला बोल रैली को सुपरफ्लाप बताया है। पांडेय ने कहा कि रैली के माध्यम से केवल कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रमोट करने का असफल प्रयास किया जा रहा है, लेकिन देश की जनता 2024 में एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जता परिवारवादी पार्टियों को सत्ता से दूर रखेगी। यह रैली जनता की समस्याओं को लेकर नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी बचाने को लेकर आयोजित थी। कांग्रेस कितनी भी रैलियां कर ले जनता पुरानी गलती नहीं दोहराने वाली है। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बच गया है। कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता व उनके किए ऐतिहासिक कार्यों से घबरा गई है। यह रैली आगामी लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की प्रसिद्धि के लिए नाकाम प्रयास है। कांग्रेस पार्टी केवल परिवार को बचाने की जुगाड़ में लगी है। आज देश में जितने भी कांग्रेसशासित राज्य हैं। वहां की स्थिति दयनीय है।







