बिहार में तेज धूप और उमस वाली गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम अपडेट जारी किया है. ताजा मौसम पूर्वानुमान में प्रदेश में सोमवार को मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है. आंधी-तूफान के साथ बारिश होने के आसार जताए गए हैं. मौसम विज्ञानियों ने इसके साथ ही ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका भी जताई गई है. लोगों को बारिश के समय जहां तक संभव हो घरों में ही रहने की सलाह दी गई है. बता दें कि IMD ने 27 और 28 अगस्त को भी बिहार में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई थी, लेकिन मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बादल नहीं बरसे. बता दें कि अच्छी बारिश नहीं होने की वजह से फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका है. पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान रोपाई के रकबे में भी कमी दर्ज की गई है. भारतीय मौसम विभाग ने इस बार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य रहने की संभावना जताई थी, लेकिन सूबे में अभी तक सामान्य औसत से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है.
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा मौसम अपडेट में सोमवार को बिहार में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 29 अगस्त को प्रदेश में कहीं- कहीं मूसलाधार बारिश हो सकती है. आंधी-तूफान के साथ ठनका गिरने की भी आशंका जताई गई है. आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विज्ञानियों ने लोगों को बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है. बिहार में सामान्य बारिश न होने की वजह से फसलों पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय बिहार में व्यापक पैमाने पर धान की खेती की जाती है. धान की फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है, लेकिन इस बार मानसून के सामान्य नहीं रहने की वजह से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. धान रोपाई के रकबे में कमी दर्ज की गई है. वहीं, जिन किसानों ने धान की रोपाई की है वे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं.
बारिश का पूर्वानुमान, पर नहीं बरसे बदरा
बिहार में शनिवार और रविवार को अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन कहीं-कहीं छिटपुट बारिश के अलावा तेज बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई. प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में सुबह के समय काले घने बादल थे. हवा की रफ्तार भी सामान्य से तेज थी, पर बूंदाबांदी के अलावा तेज बारिश नहीं हुई. तमाम कठिनाइयों के बावजूद धान की रोपाई करने वाले किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन बादल आए और उमड़-घुमड़ कर बिना बरसे ही चले गए.
किसानों को मिली राहत
अवर्षा के लंबे चले स्पेल के बाद शनिवार और रविवार को हुई बारिश से विशेषकर किसानों को राहत मिली है. कमोबेश गर्मी से भी राहत मिली है. आइएमडी पटना की तरफ से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मॉनसून की ट्रफ लाइन हिमालय की तलहटी से गुजर रही है. वहीं झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है. इन तीनों मौसमी हलचल की वजह से बिहार में अभी बारिश के आसार बने हुए हैं.
शनिवार से रविवार तक कितनी हुई बारिश
शनिवार से रविवार की सुबह तक मुजफ्फरपुर में 114.4 और मुशहरी में 76, मिलीमीटर, मधुबनी जिले में जयनगर में 100 मिलीमीटर, फुलपरास में 86, सौली घाट में 79 और माधवपुर में 77 , समस्तीपुर जिले के पूसा में 94 , सुपौल स्थित निर्मली में 91 , पूर्वी चंपारण स्थित लालबेगिया घाट में 90 , गोपालगंज में 76 ,सीवान के पचरुखी में 73 ,भभुआ में 69 और बेगूसराय के चिरैया में 69 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है.
रविवार को कितनी हुई बारिश
प्रदेश में अब तक मॉनसूनी सीजन में 457 मिलीमीटर बारिश हाे चुकी है. हालांकि, यह बारिश सामान्य से 40 फीसदी कम है. बिहार में रविवार की सुबह से लेकर शाम तक पश्चिमी चंपारण में 52, पूर्वी चंपारण में 41, मुजफ्फरपुर में 42, मधुबनी में 69.5, किशनगंज में 40 , गोपालगंज में 32 , दरभंगा में 42.2 , बेगूसराय में 33 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है. दरअसल इस अवधि में लखीसराय, नवादा और शेखपुरा में बारिश नहीं हुई है.







