बिहार में शिक्षक बनने के इच्छुक बेरोजगारों को जल्द ही अच्छी खबर मिलने वाली है। राज्य सरकार ने सातवें चरण की शिक्षक भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि छठे चरण की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की कगार पर है। इसके पूरे होते ही सातवें चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बिहार में सातवें चरण में करीब लगभग 80 हजार शिक्षकों की भर्ती होने की उम्मीद है।
शिक्षा मंत्री ने पटना स्थित जदयू प्रदेश मुख्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में शिक्षक भर्ती को लेकर अपडेट दिया। चौधरी ने कहा कि सभी जिलों से शिक्षकों के रिक्त पदों का आंकड़ा मांगा गया है। इसके आधार पर ही सातवें चरण की नियुक्ति की जाएगी।
पूर्व में आई खबरों की मानें तो बिहार के सभी जिलों में शिक्षकों के 80 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं। ऐसे में सरकार आगामी चरण में इन पदों को भरने की कोशिश करेगी। इनमें 8 हजार से ज्यादा शारीरिक शिक्षक के पद भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सातवें चरण की शिक्षक भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जुलाई महीने तक जारी होने की संभावना है।
शिक्षा विभाग ने छठे चरण में नियोजित करीब ४२ हजार शिक्षकों को वेतन सशर्त्त देने का फैसला किया है। मालूम हो कि बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्त्त) नियमावली–२०१२ (यथा संशोधित) एवं बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्त्त) नियमावली–२०१२ में निहित प्रावधानों के आलोक में वर्ष २०१९–२० में प्रारंभ की गयी शिक्षक नियुक्ति की कार्रवाई के क्रम में चयनित एवं नियुक्त अभ्यर्थियों के सभी प्रमाण पत्रों के सत्यापनोपरांत वेतनादि का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया था। इस संबंध में कतिपय नवनियुक्त शिक्षक अभ्यर्थियों से वेतन भुगतान के संबंध में प्राप्त आवेदन पर विभाग द्वारा उच्च स्तर पर उक्त निर्णय की समीक्षा की गई।
इस क्रम में यह दृष्टिगोचर है कि प्रमाण पत्र गलत पाये जाने पर सेवा स्वतः समाप्त कर दिये जाने से संबंधित शपथ–पत्र अभ्यर्थियों से नियोजन से पूर्व लिया गया है। साथ ही शिक्षकों से बिना वेतन के कार्य कराना वैधानिक प्रतीत नहीं होता है। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को छठे चरण में नियुक्त नियोजित शिक्षकों को वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है ।






